दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में कथित हमले के आरोपी और खुद को ‘इन्फ्लुएंसर’ बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार शाम पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक, भारद्वाज अपने घर से बुलेट मोटरसाइकिल पर निकले थे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
मामला जून में जंतर-मंतर पर हुए कथित हमले से जुड़ा है, जिसमें CJP प्रदर्शनकारी निशु आजाद के 38 वर्षीय पिता संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी। CJP ने भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की थी और दावा किया था कि भारद्वाज ने कथित तौर पर इस हमले की बात खुद स्वीकार की थी।
पॉक्सो के तहत मामला दर्ज
हिरासत के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है।
सौरव दास के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में POCSO के तहत एक नई FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई नाबालिग पीड़िता की नई शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें उसने ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। अब तक स्वतंत्र के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने और आपराधिक डराने-धमकाने के लिए BNS की धारा 351(3); महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और पीछा करने (स्टॉकिंग) के लिए धारा 78 और 79; और अश्लील सामग्री के लिए IT एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।
हमले को लेकर भारद्वाज ने क्या दावा किया?
राइट-विंग एक्टिविस्ट के तौर पर पहचाने जाने वाले भारद्वाज ने दावा किया था कि उन्होंने CJP प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि एक राजनेता के हस्तक्षेप के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। भारद्वाज के मुताबिक, कथित हमले में घायल व्यक्ति को 60 टांके आए थे और उनकी हालत गंभीर थी।
उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। धारा 307 हत्या के प्रयास से संबंधित है।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन तक मार्च
शुक्रवार को CJP के प्रवक्ता सौरव दास, सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक से संसद मार्ग पुलिस स्टेशन तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने भारद्वाज की गिरफ्तारी और मामले में उचित धाराएं जोड़ने की मांग की।
CJP का आरोप था कि हमले के मामले में पहले ही FIR दर्ज हो चुकी थी, लेकिन उसमें लगाई गई धाराएं अपेक्षाकृत हल्की थीं। संगठन ने पुलिस पर मामले को गंभीरता से लेने का दबाव बनाया।
FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
पुलिस के साथ शुक्रवार को कई घंटे चली बातचीत के बाद संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में FIR में ‘SC/ST एक्ट’ से संबंधित धाराएं जोड़े जाने की बात सामने आई। CJP का दावा है कि संजय कुमार दलित परिवार से आते हैं और इसलिए मामले में SC/ST एक्ट के प्रावधान लागू किए जाने चाहिए।
‘यह हत्या के प्रयास का मामला’
पुलिस स्टेशन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कथित हमले को ‘हत्या का प्रयास’ बताया और FIR में संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग की। दास के अनुसार, प्रदर्शन से शुरुआत से जुड़ी एक नाबालिग लड़की के पिता संजय कुमार भी उसके साथ प्रदर्शन में आते थे। CJP का आरोप है कि शांतिपूर्ण धरने के दौरान कुछ लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और हिंसा की।
संगठन ने FIR दर्ज होने के बाद पुलिस से मामले में हत्या के प्रयास और SC/ST Act से संबंधित प्रावधान जोड़ने की मांग जारी रखी। फिलहाल, स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर ने 20 से 26 जुलाई के बीच आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2873 लोगों की पहचान की थी, इनमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा का एक कथित करीबी सहयोगी भी शामिल था। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
