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डेंगू से पीडि़त हैं जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी

बायकुला महिला जेल के अधिकारियों ने महानगरीय मजिस्ट्रेटी अदालत को सूचित किया कि सनसनीखेज शीना बोरा हत्या मामले में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी संदिग्ध डेंगू से जूझ रही हैं।

Author मुंबई | October 28, 2015 7:19 PM

बायकुला महिला जेल के अधिकारियों ने महानगरीय मजिस्ट्रेटी अदालत को सूचित किया कि सनसनीखेज शीना बोरा हत्या मामले में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी संदिग्ध डेंगू से जूझ रही हैं।

एक जेल अधिकारी ने कहा, हमने अदालत को बताया कि मुखर्जी संदिग्ध डेंगू का सामना कर रही है और उसका प्लेटलेट स्तर गिरकर 65,000 पर चला गया।

उन्होंने बाद में बताया कि जेल में जेजे अस्पताल के डॉक्टर उनके इलाज में लगे हैं और अगर उन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ेगी तो अस्पताल ले जाया जाएगा।

मजिस्ट्रेट आर वी अदोने को जेल अधिकारी की रिपोर्ट सौंपी गयी। सीबीआई की ओर से आवाज के नमूने की मांग के लिए याचिका के मद्देनजर अदालत ने कल जेल अधिकारियों को उन्हें पेश करने का निर्देश दिया था।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कल अदालत से कहा था कि उनके पास कुछ कॉल रिकार्ड हैं जिसमें कथित तौर पर उनकी आवाज है और इसलिए वह इसे प्रमाणित करने के लिए उनकी आवाज का नमूना चाहती है।

स्थानीय अदालत ने 19 अक्तूबर को मुखर्जी, उनके पूर्व पति संजीव खन्ना तथा उनके ड्राइवर श्यामवर राय की हिरासत 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी थी।

उनकी गिरफ्तारी और लंबी पूछताछ के बाद सात सितंबर को अदालत ने इंद्राणी और राय को 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था जिसे बाद में बढ़ाकर पांच अक्तूबर और फिर 19 अक्तूबर तक कर दिया गया। एक दिन बाद आठ सितंबर को खन्ना को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इंद्राणी, खन्ना और राय को अप्रैल 2012 में 24 वर्षीय शीना की हत्या और उसकी लाश को रायगढ़ जंगल में ठिकाना लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने रायगढ जंगल से लाश को बरामद कर लिया था।

पुलिस ने इंद्राणी के पति पीटर मुखर्जी से भी सघन पूछताछ की हालांकि मामले में वह आरोपी नहीं हैं। इसके अलावा मामले में पीटर के बेटे राहुल मुखर्जी और इंद्राणी तथा संजीव खन्ना की बेटी विधि से भी पूछताछ की थी।

पुलिस ने शीना के जैविक पिता सिद्धार्थ दास और मिखाइल बोरा से भी पूछताछ की। कार में कथित तौर पर शीना का गला घोंटा गया फिर उसके शव को जलाया गया और मुंबई से करीब 84 किलोमीटर दूर रायगढ़ के जंगल में उसे फेंक दिया गया।

इंद्राणी को दो अक्तूबर को अचेत अवस्था में बायकुला महिला जेल से जेजे अस्पताल ले जाया गया जिससे इस तरह की अटकलें लगी थी कि उन्होंने अवसाद से निकलने वाली दवा ज्यादा मात्रा में ले ली थी। लेकिन महानिरीक्षक (जेल) की जांच में दवा के ओवरडोज, जहर खाने या आत्महत्या की कोशिश की आशंका से इंकार किया गया था।

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