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कोरोना का दहशत: भारत-नेपाल सीमा सील; चार विदेशी लौटाए गए

नेपाल के इस कदम के बाद भारत-नेपाल सीमा विदेशियों के लिए सील हो गई है। हालांकि भारतीय नागरिकों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

कोरोना वायरस की वजह से भारत-नेपाल बार्डर सील कर दिया गया है। (फोटो पीटीआई)

दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस के दहशत के बीच भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित करते हुए एक महीने के लिए विदेशियों के आवागमन पर पाबंदी लगा दी गई है।
अग्रिम आदेशों तक नेपाल के रास्ते सिर्फ भूटान और नेपाल के नागरिक भारत में प्रवेश कर सकेंगे और नेपाल में भी केवल भारत के नागरिकों को प्रवेश मिल सकेगा। बलरामपुर के जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर जिले से सटी नेपाल की खुली सीमा से केवल नेपाली व भूटानी नागरिकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इस रास्ते से दुनिया के अन्य किसी देश का नागरिक जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

इधर से भी केवल भारतीय, नेपाल व भूटान के नागरिक को ही नेपाल में प्रवेश दिया जाएगा। अन्य देशों के नागरिक जिले में प्रवेश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सारी कवायद तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस को रोकने के लिए की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि नेपाल से आने वाले पगडंडी रास्तों पर एसएसबी का पहरा बैठा दिया गया है। सीमावर्ती गांवों में कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों एवं डब्ल्यूएचओ की टीम जागरूक कर रही है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए नेपाल ने भी विदेशियों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। शनिवार रात 12 बजे से यह प्रतिबंध प्रभावी हो गया है।

नेपाल के इस कदम के बाद भारत-नेपाल सीमा विदेशियों के लिए सील हो गई है। हालांकि भारतीय नागरिकों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। इस बीच बहराइच जिले में रविवार को चीन के रास्ते होते हुए नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे दक्षिण अफ्रीका और फ्रांस के चार पर्यटकों को सीमा पर मौजूद चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद वापस नेपाल भेज दिया। उनके अभिलेखों के पड़ताल से पता चला कि वे दक्षिण अफ्रीका और फ्रांस के नागरिक हैं। उनमें से दक्षिण अफ्रीका का पर्यटक 15 दिन से चीन में रुका हुआ था।

उधर, दिल्ली के द्वारका इलाके में बन रहे पृथक केंद्र के विरोध में रविवार को पुलिस प्रशिक्षण स्कूल के बाहर लगभग 30 लोगों का एक समूह एकत्रित हुआ। पुलिस प्रशिक्षण स्कूल के पास कोरोना वायरस रोगियों के लिए एक पृथक केंद्र बनाया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि द्वारका सेक्टर नौ में पुलिस प्रशिक्षण स्कूल के पास रह रहे लोगों को आशंका थी कि वे वायरस से संक्रमित हो जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमने उन्हें बताया कि यह क्षेत्र या लोगों को प्रभावित नहीं करेगा और लगभग एक घंटे के बाद वे वहां से चले गए।”

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