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इजरायल सरकार ने की भारत सरकार की तारीफ, कहा- मोदी सरकार आने के बाद बदली भारत की नीति

भारत और इस्राइल के बीच रिश्ते 2014 में नहीं बने लेकिन जो बदलाव आया है वह है चीजों में स्पष्टता, जो हम साथ मिलकर कर रहे हैं।

Author Published on: April 23, 2017 7:38 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

इस्राइल ने मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत-इस्राइल संबंधों के अधिक स्पष्ट होने की सराहना करते हुए रविवार (23 अप्रैल) को कहा कि इस्राइल और अरब देशों के साथ संबंधों को साधने में ‘‘किसी एक के कारण किसी दूसरे का नुकसान ना होने की भारत की नीति ने मजबूत संदेश दिया है। भारत से इस वर्ष जुलाई में संभावित पहली प्रधानमंत्री स्तरीय यात्रा के मद्देनजर यहां इस्राइल के राजदूत डेनियल कैरमन ने रक्षा, सुरक्षा, कृषि, शिक्षा और संस्कृति समेत व्यापक क्षेत्रों में फैले रणनीतिक संबंधों में और अधिक सहयोग पर भी जोर दिया।

कैरमन ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भारत-इस्राइल संबंधों में काफी स्पष्टता आई है और यहूदी देश इस बदलाव का सम्मान करता है। कैरमन ने कहा, ‘‘इस्राइल और अरब देशों के साथ संबंधों को साधने में किसी एक के कारण किसी दूसरे का नुकसान ना करने की भारत की नीति ने एक सकारात्मक संदेश दिया है। भारत और इस्राइल के बीच रिश्ते 2014 में नहीं बने लेकिन जो बदलाव आया है वह है चीजों में स्पष्टता, जो हम साथ मिलकर कर रहे हैं। जो भी बदलाव आया है वह महत्वपूर्ण है और इस्राइल उसका बहुत सम्मान करता है।’’

इस्राइली राजदूत ने यह भी कहा कि हो सकता है कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत की नीति और वचन में बदलाव आया हों। मौजूदा राजग सरकार मनमोहन सिंह सरकार की तुलना में इस्राइल के साथ संबंधों को लेकर काफी खुली हुई है जबकि पिछली सरकार इस्राइल के साथ भारत के संबंधों को खुले तौर पर जाहिर करने में सावधानी बरतती थी।

भारत और इस्राइल इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। ऐसे में मोदी के जुलाई में पश्चिम एशियाई देश की यात्रा करने की संभावना है जिस दौरान दोनों देशों के अहम क्षेत्रों में समझौतों पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।

कैरमन ने कहा, ‘‘इस समय हमारे संबंध शीर्ष पर हैं लेकिन यह शिखर नहीं है। संबंध शीर्ष पर कभी नहीं होंगे क्योंकि हम और अधिक की कोशिश करते रहेंगे तथा मुझे लगता है कि हमारे संबंधों के लिए यह समय काफी अच्छा है। हम रिश्तों के 25 साल पूरे होने को लेकर उत्साहित हैं। जो भी हमने हासिल किया, उसे लेकर हम काफी संतुष्ट हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत के अरब देशों से भी संबंध रखने से इस्राइल को कोई परेशानी नहीं है और उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में परिदृश्य बदल गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अब पश्चिम एशिया में चीजें बदल गई हैं और इस्राइल के कुछ अरब देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। हमारे (इस्राइल और कुछ अरब देशों) के कई अन्य देशों के साथ संयुक्त हित हैं। ईरान से पैदा हो रहे खतरे पर हम एक-दूसरे से सहमत हैं।’’

कैरमन ने कहा कि इस्राइल किसी एक के कारण किसी दूसरे का नुकसान ना होने की भारत की नीति का सम्मान करता है और इससे उसके इस्राइल और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस पर अरब देशों की ओर से ज्यादा विरोध नहीं सुना है जिसका मतलब है कि इस पर साझा सहमति हैं। भारत की तरफ से यह काफी महत्वपूर्ण और सकारात्मक संदेश है जिसे इस्राइल में अच्छी तरह से स्वीकार किया जाता है।’’

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