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इसरो के ‘बाहुबली’ रॉकेट जीएसएलवी एमके 3 ने अंतरिक्ष से भेजी सेल्फी, लॉन्चिंग से कक्षा में स्थापित होने तक हर पल की तस्वीर

फरवरी में भी 104 सैटेलाइट ले जाने वाले इसरो के पीएसएलवी रॉकेट ने सेल्फी भेजी थी।

यह अब तक का सबसे वजनी रॉकेट है, इसका वजन 640 टन है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो के भारी-भरकम और ‘बाहुबली रॉकेट’ कहलाने वाले जीएसएलवी एमके III ने प्रक्षेपण के दो दिन बाद अंतरिक्ष से सेल्फी भेजी है। इसमें लॉन्चिंग से लेकर कक्षा में स्थापित होने तक के मूवमेंट कैद हैं। 640 टन भार वाले इस रॉकेट का सोमवार को प्रक्षेपण हुआ था। जीएसएलवी एमके III ने लॉन्चिंग से पहले भी सेल्फी ली थी। वीडियो में ब्लैक एंड व्हाइट इमेज के तौर पर इन्फ्रारेड लाइट दिख रही है। सेल्फी वीडियो में दिख रहा है कि 200 टन के जलते बूस्टर्स धरती पर गिर रहे हैं। वीडियो में बाद में जीसैट सैटेलाइट के कक्षा में स्थापित होने के भी पल कैद हैं।

फरवरी में भी 104 सैटेलाइट ले जाने वाले इसरो के पीएसएलवी रॉकेट ने सेल्फी भेजी थी। रॉकेट में वैज्ञानिकों ने हाई रेजॉल्यूशन वाले कैमरे लगाए थे। इससे पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के क्यूरोसिटी रोवर ने भी मंगल ग्रह से सेल्फी भेजी थी। क्योरिसिटी रोवर अभी भी मंगल ग्रह से लगातार फोटोज और इन्टेरेस्टिंग वीडियोज भेज रहा है।
बता दें कि सोमवार (5 जून) को इसरो ने जीएसएलवी एमके III का प्रक्षेपण कर अंतरिक्ष विज्ञान और जगत में बड़ी कामयाबी हासिल की है।

देखिए ‘सेल्फी वीडियो’

इसे श्री हरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया है। यह पूरी तरह से स्वदेशी है और भारत का सबसे वजनी रॉकेट है। यह GSAT 19 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में लेकर गया है। जीएसएलवी मार्क 3 को फैट ब्वॉय के नाम से भी जाना जाता है। इस रॉकेट का वजन 640 टन है। इस रॉकेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रॉकेट के मुख्य व सबसे बड़े क्रायोजेनिक इंजन को इसरो के वैज्ञानिकों ने भारत में ही विकसित किया है। यह 300 करोड़ की लागत से बना है। पहले यह रॉकेट मई के अंत में छोड़ा जाना था।

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