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First Underwater Metro: पानी के नीचे चलने वाली मेट्रो का काम जल्द होने वाला है पूरा

इस लाइन पर मेट्रो एक मिनट से भी कम वक्त में 520 मीटर की दूरी तय कर सकेगी। फिलहाल हुगली पर बने हावड़ा ब्रिज को पार करने के लिए करीब एक घंटे का वक्त लगता है।

कोलकाता में चलेगी देश की पहली अंडरवॉटर मेट्रो

पानी के नीचे चलने वाली देश की पहली मेट्रो रेल का प्रॉजेक्ट जल्दी ही पूरा हो सकता है। कोलकाता में मार्च 2022 से हुगली नदी के नीचे से मेट्रो दौड़ सकती है। बीते कई सालों से लटकी यह परियोजना जल्दी ही पूरी हो सकती है। इस लाइन का करीब आधा किलोमीटर हिस्सा हुगली नदी के नीचे से होकर गुजरेगा। कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को फिलहाल परियोजना के लिए 2.8 मिलियन डॉलर की आखिरी किस्त का इंतजार है। कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी मानस सरकार ने बताया कि इस परियोजना के लिए जापान ने भी 48 फीसदी फंडिंग की है।

कोलकाता में ही 1984 में देश की सबसे पहली मेट्रो नॉर्थ-साउथ सर्विस चली थी। इस सर्विस को 2014 तक बढ़ाने की योजना थी, लेकिन परियोजना लटकती गई और अब बजट दोगुने के करीब हो गया है। उस वक्त इस परियोजना के लिए 4,900 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब यह बढ़कर 8,600 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है।

देश के कई बड़े शहरों में लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो के जरिए कोलकाता में करीब 40 पर्सेंट यात्री सफर कर सकेंगे। शहर में जाम की समस्या से निजात पाने और प्रदूषण मुक्त परिवहन व्यवस्था के लिहाज से इस लाइन को अहम माना जा रहा है। पहले नॉर्थ-साउथ और अब ईस्ट-वेस्ट मेट्रो के जरिए शहर में आवागमन आसान होगा।

एक मिनट में हुगली नदी को नीचे से पार करेगी मेट्रो
रिपोर्ट्स के मुताबिक रोजाना 9 लाख यात्री मेट्रो में सफर करेंगे, जो शहर की करीब 20 फीसदी आबादी के बराबर है। बता दें कि इस लाइन पर मेट्रो एक मिनट से भी कम वक्त में 520 मीटर की दूरी तय कर सकेगी। फिलहाल हुगली पर बने हावड़ा ब्रिज को पार करने के लिए करीब एक घंटे का वक्त लगता है।

रेल मंत्रालय के पास कोलकाता मेट्रो की हिस्सेदारी
गौरतलब है कि 1984 में आज से करीब 36 साल पहले चली कोलकाता मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना में 74 फीसदी हिस्सेदारी रेल मंत्रालय की है। इसके अलावा 26 पर्सेंट हिस्सा शहरी विकास मंत्रालय के पास है।

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