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सिर्फ अंग्रेजी या हिंदी में करें संवाद-Southern Railways का सर्कुलर, विरोध के बाद वापस

सर्कुलर में यह लिखा था कि इस फैसले का मकसद स्टेशन मास्टर और डिविजन कंट्रोल ऑफिस के बीच हिंदी और अंग्रेजी के प्रयोग को बढ़ावा देना है।

Author नई दिल्ली | June 14, 2019 5:45 PM
तस्वीर का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Photo: sr.indianrailways.gov.in)

Southern Railways: दक्षिणी रेलवे मुख्यालय द्वारा एक सर्कुलर जारी कर कहा गया था कि डिविजन कंट्रोल ऑफिस और स्टेशन मास्टर के बीच संवाद हिंदी या अंग्रेजी में हो। रेलवे का यह सर्कुलर शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आदेश का विरोध शुरू हो गया। दक्षिण भारत की राजनीति में वर्चस्व रखने वाली पार्टी डीएमके ने इसका विरोध किया। पार्टी कार्यकर्ता चेन्नई स्थित दक्षिण रेलवे के मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद शुक्रवार की दोपहर दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक गजानन माल्या ने घोषणा किया किया हिंदी और अंग्रेजी में संवाद करने के सर्कुलर को वापस ले लिया जाएगा। महाप्रबंधक ने कहा कि पहले से संवाद के लिए स्थानीय भाषा का उपयोग जारी रहेगा। माल्या ने कहा, “यह सर्कुलर सिंर्फ ऑपरेटिंग हिस्से के लिए था ताकि वे रेलवे के सिग्नल को अच्छी तरह समझ सकें।’

यह सर्कुलर 12 जून को जारी किया गया था। इस सर्कुलर में कहा गया था, “क्षेत्रिय भाषा के प्रयोग से बचना चाहिए ताकि दोनों पक्षों में किसी तरह की संवादहीनता न हों। दोनों एक दूसरे के निर्देश और संकेत को अच्छी तरह से समझ सकें।” सर्कुलर में यह लिखा था कि इस फैसले का मकसद स्टेशन मास्टर और डिविजन कंट्रोल ऑफिस के बीच हिंदी और अंग्रेजी के प्रयोग को बढ़ावा देना है। विपक्ष ने इसे हिन्दी भाषा को ‘‘थोपने’’ का एक और प्रयास बताते हुए इसकी निंदा की। इसे ‘‘अहंकार’’ से भरा कदम बताते हुए द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह सर्कुलर हिन्दी भाषा को लागू करने और स्थानीय भाषा को खत्म करने का एक प्रयास है।

स्टालिन ने फेसबुक पर तमिल में पोस्ट किया, ‘‘वे लगातार तमिलों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं… अगर इस तरह के घटिया आदेशों को तत्काल रोका नहीं जाता है तो हम उन पर पूरी तरह रोक लगा देंगे।’’ द्रमुक प्रमुख के निर्देशों पर पार्टी सांसद दयानिधि मारन ने दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक राहुल जैन और मुख्य संचालन प्रबंधक एस अनंतरामन को इस सर्कुलर के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने उन्हें इस सर्कुलर को ‘‘तत्काल प्रभाव’’ से वापस लिये जाने का आश्वासन दिया।

वहीं, एक अन्य मामले में भाषा के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा, “टीवी चैनलों को आदेश जारी किया जाता है कि वे जो भी धारावाहिक प्रसारित करते हैं, कार्यक्रम के अंत / शुरुआत में कई बार शीर्षक केवल अंग्रेजी में दिए जाते हैं। भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए चैनल उन भाषाओं में भी शीर्षक दें, जिस भारतीय भाषा में वे कार्यक्रम का प्रसारण करते हैं। भारतीय भाषा के अलावा यदि वे चाहते हैं कि तो शीर्षक और क्रेडिट अंग्रेजी में दे सकते हैं। वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। हम उनके ऊपर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगा रहे हैं, सिर्फ भारतीय भाषाओं को जोड़ रहे हैं। हम सिनेमा के लिए भी इसी तरह का आदेश जारी कर रहे हैं।” (एजेंसी इनपुट के साथ)

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