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खुफिया एजेंसियों ने पीएम मोदी को दी पाकिस्‍तान में होगी चीनी सैनिकों की तैनाती की खबर

पाकिस्तान में चीनी सैनिकों की मौजूदगी पर भारतीय रक्षा विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। भारत सरकार के एक अफसर के मुताबिक, 'हम सारे डेवलपमेंट्स पर नजर रख रहे हैं। हमें पता है कि कितनी तादाद में चीनी ट्रूप्स पाकिस्तान में तैनात होने वाले हैं।'

Author नई दिल्‍ली | March 13, 2016 13:12 pm
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) काराकोरम हाई-वे की सिक्युरिटी में तैनात होगी।

भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को सूचना दी है कि पाकिस्‍तान में जल्‍द ही चीनी सेना की तैनाती होगी। चीन के ये सैनिक 3 हजार किमी लंबे चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की सुरक्षा में तैनात की जाएंगी। यह कॉरिडोर पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है। ग्‍वादर इलाका पाकिस्‍तान के बलूचिस्‍तान प्रांत में स्थित है। यहां पर जो बंदरगाह बन रहा है, उसका निर्माण कार्य चीन ही कर रहा है।

जानकारी के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) काराकोरम हाई-वे की सिक्युरिटी में तैनात होगी। फिलहाल, पाकिस्तान ने 3 इंडिपेंडेंट इन्फैन्ट्री ब्रिगेड और 2 रेजिमेंट्स को इस हाई-वे की सुरक्षा करती हैं। एक ब्रिगेड में कम से कम 3 रेजिमेंट होती हैं और हर रेजिमेंट में एक हजार जवान होते हैं।

गौरतलब है कि चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर बलूचिस्तान के ग्वादर पोर्ट से शुरू होगा। मकरान कोस्ट से होते हुए यह कॉरिडोर लाहौर और इस्लामाबाद को जोड़ता है। गिलगिट-बाल्टिस्तान (पीओके) होते हुए यह काराकोरम हाईवे को भी जोड़ेगा और चीन के काशगर (शिनजियांग प्रांत) में जाकर खत्‍म होगा।

पाकिस्तान में चीनी सैनिकों की मौजूदगी पर भारतीय रक्षा विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। भारत सरकार के एक अफसर के मुताबिक, ‘हम सारे डेवलपमेंट्स पर नजर रख रहे हैं। हमें पता है कि कितनी तादाद में चीनी ट्रूप्स पाकिस्तान में तैनात होने वाले हैं।’ सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान गिलगिट-बाल्टिस्तान रीजन में अपनी पैठ बढ़ाना चाहता है। यहां पर पाकिस्‍तान के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है।

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