Venezuela Indian Sailor Death: वेनेजुएला में मई 2026 में कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने की वजह से एक भारतीय नाविक की मौत हुई थी। 33 साल के भारतीय नाविक का नाम राकेश चौहान था। उनका शव भारत आने के बाद उनकी मौत को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं क्योंकि उनके भारत में हुए पोस्टमार्टम में पाया गया कि शव से हृदय, दिमाग और फेफड़े समेत कई अंग गायब पाए गए है। इसके चलते मृतक के परिजनों और फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने राकेश चौहान की मौत की गहन जांच की मांग की है।

दरअसल, राकेश चौहान के शव के संबध में अपने एक्स अकाउंट पर FSUI ने बताया कि राकेश चौहान के अवशेष बिना किसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट या वेनेजुएला के अधिकारियों से किसी भी विवरण के उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित उनके गृहनगर भेज दिए गए थे। इसके चलते फिरे जांच की मांग की गई है।

पोस्टमार्टम में गायब शरीर के ज्यादातर अंग

एक्स पोस्ट के माध्यम से FSUI ने कहा, “परिवार ने पुनः पोस्टमार्टम की मांग की। भारत में किए गए आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से एक भयावह सच्चाई सामने आई है। शरीर में एक भी अंग नहीं मिला। इस पोस्टमार्टम में मस्तिष्क, हृदय, दोनों फेफड़े, यकृत, गुर्दे, प्लीहा, अग्न्याशय, पेट, आंतें, थायरॉयड, हायोइड, स्वरयंत्र और श्वासनली सभी गायब थे।”

एक्स पोस्ट में कहा गया, “शरीर पर पहले से ही कई टांके लगे हुए थे। मृत्यु से पहले कोई चोट नहीं पाई गई। शव को लगभग एक महीने तक डीप फ्रीजर में रखा गया था। इसके अलावा मृत्यु का कारण निर्धारित नहीं किया जा सका।

भारतीयों के साथ व्यवहार पर सवाल

इस मुद्दे पर नाविक के संगठन ने कहा कि शव की जो स्थिति है, वह विदेशों में पारदर्शिता, भारतीय श्रमिकों के साथ व्यवहार और विदेशी अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर सवाल उठाती है। एजेंसी ने कहा, “यह अस्वीकार्य है। नाविकों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हम वेनेजुएला के अधिकारियों से पूरी जांच और जवाबदेही की मांग करते हैं। वेनेजुएला में भारतीय दूतावास द्वारा तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं, और एक संपूर्ण पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु की परिस्थितियों और परिवार के लिए न्याय और मुआवजे की मांग करते हैं।”

मृतक राकेश चौहान के परिवार ने क्या कहा?

राकेश कुमार उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लगदा बाजार में रहते थे। वे नवंबर 2025 में एक व्यापारिक नौसेना जहाज के चालक दल के सदस्य के रूप में वेनेजुएला गए थे। राकेश को जहाज पर भेजने वाली कंपनी का नाम एक्सफिनिटी है। उनके परिवारवालों का कहना कि राकेश के निधन की सूचना उन्हें कंपनी के जरिए मिली। यह आश्वासन भी दिया गया कि शव 60 दिनों के भीतर भेज दिया जाएगा।

मृतक राकेश के पिता रामदेव चौहान ने कहा, “हमें अंधेरे में रखा गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम पहले ही किया जा चुका था, लेकिन जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर किए गए दूसरे पोस्टमार्टम में पता चला कि शरीर से अंग गायब थे और मृत्यु का कारण निर्धारित नहीं किया जा सका। हम मांग करते हैं कि सरकार कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करे और जांच कराए।”

परिजनों ने कहा कि शुरुआत में कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें फोन पर बताया था कि राकेश जहाज से गिर गए थे, उन्हें चोटें आईं थी, और इलाज चल रहा था। अगली सुबह उन्हें यह बताया गया कि राकेश के बचने की संभावना 5 प्रतिशत से भी कम है। शाम तक कंपनी ने उनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी। ऐसे में जब परिवार ने मृत्यु के कारण के बारे में पूछा, तो कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया कि गिरने की वजह से उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।

भारत में हुए पोस्टमार्टम

राकेश का शव भारत आने के बाद एक बार फिर देवरिया में डॉक्टरों की एक टीम ने पुलिस की मौजूदगी में शव की जांच की थी, हालांकि पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि ऐसा प्रतीत होता है कि शव का पोस्टमार्टम पहले ही हो चुका है और वे आधिकारिक आदेश के बिना आगे नहीं बढ़ सकते। इसके बाद डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें पता चला कि राकेश चौहान के सभी आंतरिक अंग गायब थे।

शव में 43 टांके, और पूरा शरीर नीला

देवरिया के डॉक्टरों ने अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों आंखें और मुंह बंद थे। राकेश चौहान की गर्दन से लेकर प्यूबिक सिम्फिसिस तक चीरा और टांके लगे थे, इसमें 22 टांके थे। इसकी लंबाई 60 सेमी थी, बाएं कान से दाएं कान तक पश्चकपाल क्षेत्र में चीरा और 21 टांके लगे थे। लंबाई 20 सेमी थी, शरीर का रंग नीला था और शरीर के कुछ हिस्सों की त्वचा उतर रही थी, शरीर को 07-05-2026 से 05-06-2026 तक डीपफ्रीज में रखा गया था।”

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि राकेश चौहान की मेनिन्जेस और रक्त वाहिकाएं गायब थीं। इसके साथ ही उनका मस्तिष्क, थायरॉइड ग्रंथि, हायोइड हड्डी, स्वरयंत्र और श्वासनली, फुफ्फुस (गुहा), हृदय, दोनों फेफड़े, पेरिकार्डियम, कोरोनरी धमनियां और बड़ी रक्त वाहिकाएं, दोनों आंतें और यहां तक ​​कि पेट, पित्ताशय, प्लीहा और गुर्दे भी गायब थे।

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