ताज़ा खबर
 

Indian Railways: रेलवे कर रहा व‍िचार, सस्ते हो जाएंगे 40 ट्रेनों के टिकट

रेलवे इसके अलावा उन ट्रेनों में ग्रेडेड डिस्काउंट भी देगा, जिनमें 60 फीसदी से कम सीटें बुक होती हैं। रेल यात्रियों को यहां 20 फीसदी तक की छूट दी जाएगी।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

भारतीय रेल 142 में से 40 ट्रेनों से फ्लेक्सी फेयर खत्म कर सकता है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। यह भी विचार किया जा रहा है कि बाकी 102 ट्रेनों में सफर से करीब चार दिनों पहले से सीटें बुक करने पर यात्रियों को 50 फीसदी तक की छूट दी जाए। रेलवे इसके अलावा उन ट्रेनों में ग्रेडवार डिस्काउंट भी देगा, जिनमें 60 फीसदी से कम सीटें बुक होती हैं। रेल यात्रियों को यहां 20 फीसदी तक की छूट मिल सकती है। द टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है, ‘जिन ट्रेनों में 50 फीसदी से कम सीटें बुक होती हैं, उनसे फ्लेक्सी फेयर योजना खत्म की जा रही है।”

आपको बता दें कि फ्लेक्सी फेयर योजना की शुरुआत नौ सितंबर 2016 से हुई थी। यह कुल 142 ट्रेनों के लिए लाई गई थी, जिसमें 44 राजधानी, 46 शताब्दी और 52 दुरंतो ट्रेनें शामिल की गई थीं। फ्लेक्सी फेयर योजना के कारण ट्रेनों की टिकटों के लिए यात्रियों को कभी-कभार हवाई जहाज के किराए से भी अधिक रकम चुकानी पड़ती है। योजना के अंतर्गत एक सीमित संख्या में सीटें बुक हो जाने पर रेल किराए में 10 से 50 फीसदी तक का इजाफा होता है। इस वजह से बहुत सारे यात्री टिकट कराने से कतराते हैं।

एक रेल अधिकारी ने इस बारे में कहा, “यात्रियों के साथ भारतीय रेल की भलाई पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिक से अधिक सीटों के इस्तेमाल से राजस्व बढ़े, इसलिए इस बारे में सोचा जा रहा है। हम यात्रियों पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डालना चाहते हैं।” अधिकारी के मुताबिक, इस योजना से संबंधित नए नियम तैयार कर लिए गए हैं, जिस पर सरकार की मुहर लगना बाकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रेल को फ्लेक्सी फेयर योजना के तहत प्रीमियम ट्रेनों से होने वाली कमाई में तकरीबन सात सौ करोड़ रुपए (वार्षिक) का मुनाफा होता है। ऐसे में अगर फ्लेक्सी फेयर हटा दिया जाएगा, तो इससे कमाई के इस हिस्से पर फुल स्टॉप लग जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App