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Indian Railways: अब ट्रेनों में उठाइए शॉपिंग का मजा, यहां होने जा रही शुरुआत

खरीददारी के लिए यात्री कैश के अलावा डेबिट और क्रेडिट कार्ड का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शॉपिंग का समय भी निर्धारित किया गया है। रेलवे से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यात्री सुबह 8 बजे से रात के 9 बजे तक सामान खरीद पाएंगे।

प्रतीकात्मक चित्र।

यात्रियों की सहूलियत का ख्याल रखते हुए भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों में शॉपिंग की सुविधा मुहैया कराने का फैसला लिया है। जनवरी के पहले हफ्ते से चलती ट्रेन में यात्री शॉपिंग कर सकेंगे। इस सुविधा की शुरुआत पश्चिम रेलवे की 16 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से होने जा रही है। इस काम के लिए मेसर्स एचबीएन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को 5 साल के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये में कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेन में दो सेल्समैन रहेंगे जो शॉपिंग कार्ट लेकर चलेंगे। सेल्समैन अपने पहचान पत्र के साथ कंपनी यूनिफॉर्म में रहेंगे। इस काम के लिए पहले चरण में तीन ट्रेनें तय हो गई हैं, जिनमें मुंबई-अहमदाबाद शताब्दी एक्यप्रेस भी शामिल है। खबरों के मुताबिक यात्री चलती ट्रेन में सौंदर्य उत्पाद, होम और किचन अप्लायंसेज, फिटनेस के सामान और एफएमसीजी गुड्स खरीद पाएंगे। वहीं, किसी प्रकार के तंबाकू से बने उत्पाद या खाद्य पदार्थ बेचने पर रोक होगी।

यात्रियों को क्या-क्या सामान मिल सकेगा, इसके लिए उन्हें कैटलॉग उपलब्ध कराए जाएंगे। खरीददारी के लिए यात्री कैश के अलावा डेबिट और क्रेडिट कार्ड का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शॉपिंग का समय भी निर्धारित किया गया है। रेलवे से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यात्री सुबह 8 बजे से रात के 9 बजे तक सामान खरीद पाएंगे। यह योजना शुरू करने के लिए चिन्हित ट्रेनों को 8 चरणों में आवंटित किया जाएगा।

बता दें कि यात्रियों का सफर आनंदमय बनाने के लिए रेलवे ने हाल में कुछ बड़े काम किए हैं। दिल्ली से वाराणसी के बीच बिना इंजन वाली सबसे तेज रफ्तार ट्रेन-18 चलाए जाने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 दिसंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। इस ट्रेन को शताब्दी ट्रेनों का विकल्प बताया जा रहा है। दिल्ली से वाराणसी की दूरी करीब 800 किलोमीटर है। कहा जा रहा है कि यह ट्रेन यह सफर महज 8 घंटे में कराएगी। इस ट्रेन की रफ्तार हाई स्पीड ट्रेन गतिमान से भी ज्यादा बताई जा रही है। गतिमान की अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है, वहीं ट्रायल में ट्रेन-18 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ी थी। अधिकारियों का कहना है कि इस ट्रेन को 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा सकता है।

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