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IRCTC: ट्रेन के सफर में चाय-कॉफी पीना हुआ महंगा, जानें Indian Railways ने कितने बढ़ाए दाम

IRCTC Tea, Coffee Rate 2018: ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने के मेन्यू और कीमतों की समीक्षा के बाद इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिजम कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने यह आदेश जारी किया है।

IRCTC: इस फैसले की वजह से राजधानी और शताब्दी में कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा।

IRCTC Tea, Coffee Rate 2018: सफर के दौरान ट्रेनों में परोसे जाने वाली चाय-कॉफी अब महंगी हो गई है। भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने अब इसकी कीमत 7 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति कप कर दी है। दरअसल, आईआरसीटीसी ने कुछ वक्त पहले खाने की कीमतों और मेन्यू की समीक्षा की, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। कीमतें बढ़ाने के संबंध में रेलवे बोर्ड ने 18 सितंबर को एक सर्कुलर भी जारी किया है। इसमें लिखा है, ‘चाय और कॉफी की कीमतों को संशोधित किया गया है और अब यह 10 रुपये प्रति कप तय किया गया है। हालांकि, स्टैंडर्ड चाय (डिप वाली नहीं) 5 रुपये में उपलब्ध होगी।’

रेलवे बोर्ड ने संशोधित कीमतों के मुताबिक लाइसेंस फीस बदलने और जरूरत के मुताबिक कीमत एडजस्ट करने के लिए कहा है। आईआरसीटीसी करीब 350 से ज्यादा उन ट्रेनों में कैटरिंग करती है, जिनमें पैंट्री कार होती है। हालांकि, इस फैसले की वजह से राजधानी और शताब्दी में कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इन ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की कीमत पहले ही वसूली जा चुकी होती है। आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वेंडरों द्वारा चाय और कॉफी के लिए ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों के मद्देनजर रेलवे बोर्ड से कीमतें संशोधित करने की दरख्वास्त की गई थी।

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्रेनों में महंगे बेचे जा रहे खाने-पीने की चीजों को लेकर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि अगर यात्री को बिल नहीं मिलता तो खरीदा गया खाना फ्री में मिलेगा। ज्यादा कीमत वसूले जाने पर रोक लगाने के लिए कैटरिंग स्टाफ से कहा गया है कि वे पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों का इस्तेमाल करें। वहीं, कैटररों ने बोर्ड को सुझाया था कि सभी खाने-पीने की चीजों की कीमत 5 के गुणक में होनी चाहिए ताकि यात्रियों को भुगतान करने में सहूलियत हो और ज्यादा पैसे वसूले जाने की घटनाओं को रोका जा सके।

खाने, पानी के बोतलों और चाय-कॉफी के लिए ट्रेनों में ज्यादा पैसे वसूले जाने की शिकायतों से परेशान रेलवे मंत्रालय ने रेट कार्ड जारी किया था। मंत्रालय ने यह रेट लिस्ट सोशल मीडिया पर भी शेयर किया था और अपील की थी कि अगर उनसे ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है तो वे शिकायत दर्ज कराएं। नियमों के मुताबिक, आईआरसीटीसी द्वारा तय की गई कीमतों पर ही वेंडरों को अपनी सेवाएं मुहैया करानी होती हैं। उन्हें न केवल साफ-सुथरा खाना परोसना होता है, बल्कि रेट कार्ड भी दिखाना होता है। हालांकि, ट्रेनों में ज्यादा पैसे वसूले जाने और खराब खाने से जुड़ी शिकायतें आती ही रहती हैं।

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