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Indian Railways: ‘उत्‍कृष्‍ट’ बनने के बाद पहले ही सफर पर यात्र‍ियों की निकृष्‍ट हरकत का शिकार हुई सूरत-मुजफ्फरपुर एक्‍सप्रेस

Surat Muzaffarpur Utkrisht Express: सूरत-मुजफ्फपुर, गुजरात से बिहार तक का सफर तय करती है, जिसमें यह लगभग 25 स्टेशन पर रुकती है। हाल ही में इसकी बोगियां आधुनिक चीजों से लैस की गई थीं। एक बोगी के अपग्रेडेशन पर लगभग 60 लाख रुपए का खर्चा आया था।

Author January 5, 2019 11:50 AM
अपग्रेडेशन के बाद यह ट्रेन पहली बार 28 दिसंबर 2018 को चली थीं, जिसके बाद इसका यह हश्र हुआ। (फाइल फोटोःयूट्यूब)

पश्चिम रेलवे की उत्कृष्ट योजना में आधुनिक चीजों से अपग्रेड होने के बाद सूरत-मुजफ्फपुर एक्सप्रेस पहले ही सफर पर यात्रियों की निकृष्ट हरकत का शिकार हो गई। ट्रेन पहला चक्कर पूरा कर बिहार में गंतव्य स्थल पहुंची तो रेल अधिकारियों और कर्मचारियों के होश उड़े रहे गए थे। उन्हें ट्रेन की आलीशान बोगी में कई चीजों में टूट-फूट मिली, जबकि कुछ चीजें चोरी हो चुकी थीं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19053/19054 सूरत-मुजफ्फपुर एक्सप्रेस अपग्रेडेशन के बाद 28 दिसंबर 2018 को सूरत से चली थी। बिहार लौटी तो इसकी एक वातानुकूलित बोगी और तीन स्लीपर बोगी में नुकसान हो चुका था। किसी जगह खिड़की का कांच टूटा, जबकि कहीं टॉयलेट में नल के नोज, फ्लश वॉल्व और वॉल्व कैप गायब मिले। ट्रेन की बोगी इसके बाद नुकसान के आकलन के लिए यार्ड भेजी गई।

अपग्रेडेशन में एक बोगी पर खर्च हुए थे 60 लाख: यात्रियों की सुगमता के लिहाज से हाल ही में इसकी बोगी अपग्रेड की गई थीं। रेलवे के एक अधिकारी के हवाले से स्थानीय रिपोट में कहा गया था, “उत्कृष्ट योजना के तहत पश्चिम रेलवे द्वारा रेलगाड़ियों के अपग्रेडेशन में यह पहली रैक थी। कलर स्कीम अलग किस्म की है। टॉयलेट के अंदर और बाहर भी बदलाव किए गए हैं। टॉयलेट में फिटिंग अच्छी गुणवत्ता की है। अंदर आयरेटर भी लगे हैं, जिससे पानी कम खर्च होता है। यह कोच नए नहीं है। ये पुराने ही हैं, बस इन्हें अपग्रेड किया गया है। एक रैक पर लगभग 60 लाख रुपए का खर्च आया है। यह योजना यात्री सुविधाएं मुहैया कराने के मकसद से शुरू की गई थी।”

प्रोजेक्ट उत्कृष्ट के तहत क्या-क्या लगाया गया?: पीयू पेंट, एक्सॉपी फ्लोर, विनायल रैपिंग, बैट्री संचालित ऑटोमैटिक सीट कवर डिस्पेंसर, डुअल फ्लश वॉल्व, टू इन वन बिब कॉक, बिब कॉक, लिक्विड सोप डिस्पेंसर फोम टाइप, वेंचुरी सिस्टम, प्रीमियम क्वालिटी टॉयलेट सीट कवर, ऑटोमैटिक ओडर कंट्रोल सिस्टम, हेरिटेज सीनरी, नाइट ग्लो इंडिकेशन बोर्ड, सेल्फ इल्युमिनेटेड स्टिकर्स और एलईडी लाइट्स आदि बोगी में लगाया गया है।

…तो इस रूट से होकर चलती है यह रेलगाड़ी: सूरत-मुजफ्फपुर, गुजरात से बिहार तक का सफर तय करती है, जिसमें यह लगभग 25 स्टेशन पर रुकती है। हर शुक्रवार को सूरत से सुबह छह बजकर 10 मिनट पर चलती है और रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचती है। 2140 किमी के लंबे सफर को पूरा करने में लगभग 46 घंटे 20 मिनट लगते हैं। सूरत से रतलाम, नागदा, झांसी, ग्वालियर, आगरा छावनी, टूंडला, कानपुर, लखनऊ, बलिया, हाजीपुर होते हुए मुजफ्फरपुर जं. पहुंचती है। ट्रेन में पैंट्री कार नहीं है, पर इसमें ऑन बोर्ड केटरिंग व ई-केटरिंग की सुविधा मिल जाती है।

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