भारतीय रेलवे एसी कोच में RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट पर यात्रा करने वालों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को भी पूरा बेडरोल किट दिया जाना अनिवार्य है। रेलवे ने साफ किया कि आरएसी यात्रियों को भी चादर, कंबल और तकिए सहित पूरी बेडरोल सुविधा मिलेगी क्योंकि इसका शुल्क पहले से ही टिकट किराए में शामिल होता है।

4 अगस्त 2026 को रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को जारी पत्र में निर्देश दिया कि एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी श्रेणियों में यात्रा करने वाले प्रत्येक आरएसी यात्री को पूरा बेडरोल किट (लिनेन और कंबल) उपलब्ध कराया जाए। इस निर्देश का उद्देश्य सभी ट्रेनों में आरएसी यात्रियों को एक समान सुविधा सुनिश्चित करना है।

RAC यात्रियों को पूरा बेडरोल मिले: रेलवे

रेलवे बोर्ड ने बताया कि एसी कैटेगिरी में आरएसी यात्रियों को पूरा बेडरोल किट देने का फैसला पहली बार 23 सितंबर 2009 को जारी कमर्शियल सर्कुलर संख्या 50/2009 के जरिए लिया गया था।

सर्कुलर में कहा गया था, ”बोर्ड ने इस मामले की समीक्षा की है और फैसला लिया है कि एसी चेयर कार को छोड़कर एसी कैटेगिरी में आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कंबल और बेडशीट उपलब्ध कराई जाए। बेडरोल का शुल्क पहले से ही उनके किराए में शामिल होता है और एसी कैटेगिरी में यह आवश्यक सुविधा है।”

रेलवे बोर्ड ने अब सभी जोनल रेलवे को इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि आरएसी यात्रियों को सभी ट्रेनों में समान सुविधा मिल सके।

हालांकि, रेलवे बोर्ड ने कहा कि उसे अब भी अलग-अलग माध्यमों से ऐसी शिकायतें मिल रहीहैं कि RAC यात्रियों को या तो बेडरोल किट नहीं दी जाती या फिर अधूरी बेडरोल किट उपलब्ध कराई जाती है।

इन शिकायतों को देखते हुए बोर्ड ने सभी ज़ोनल रेलवे को एक बार फिर निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी कैटेगिरी में यात्रा करने वाले हर आरएसी यात्री को कोच के अन्य कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की तरह पूरा बेडरोल किट उपलब्ध कराया जाए।

हर कोच में कितने RAC यात्रियों को जगह मिलती है?

साल 2016 में रेल मंत्रालय ने आरएसी यात्रियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ा दी थी।

स्लीपर क्लास में 7 साइड लोअर बर्थ का उपयोग कर अधिकतम 14 RAC यात्रियों को एडजस्ट किया जा सकता है। थर्ड एसी (3AC) में 4 साइड लोअर बर्थ के जरिए 8 RAC यात्रियों को जगह दी जा सकती है। सेकेंड एसी (2AC) में 3 साइड लोअर बर्थ का उपयोग कर 6 RAC यात्रियों को एडजस्ट किया जा सकता है।

कैंसर मरीजों के लिए रेलवे में निर्धारित है इमरजेंसी कोटा

भारतीय रेलवे ने गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को इलाज के लिए तत्काल यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इमरजेंसी कोटा निर्धारित किया हुआ है। खासकर यह कोटा कैंसर मरीजों के लिए है जिसके तहत तत्काल यात्रा करने वाले यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल जाता है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी। साथ ही उन्होंने इस जवाब में यह भी बताया है कि कैसे इस इमरजेंसी कोटा के तहत कंफर्म टिकट प्राप्त किया जा सकता है।