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लॉकडाउन में ‘श्रमिक स्पेशल’ पकड़ी UP के लिए, पर पहुंचा दिए गए ओडिशा; लोकोपायलट भूल गया था रास्ता

सिंह ने इस ट्वीट के साथ जो वायरल वीडियो क्लिप शेयर की थी, उसमें उक्त ट्रेन में बैठे एक यात्री ने बताया था, “मुंबई से हमने गाड़ी पकड़ी थी गोरखपुर जाने के लिए। पर ड्राइवर ने ओडिशा में लाकर खड़ाकर दिया। अब हम कैसे जाएंगे?"

श्रमिक स्पेशल ट्रेन में मुंबई से गोरखपुर के लिए निकला यात्री ओडिशा पहुंचने पर अपनी समस्या बताते हुए। (फोटोः ट्विटर/एजेंसी)

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र में फंसे प्रवासियों ने घर-गांव जाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन पकड़ी थी, पर उन्हें गाड़ी कहीं और लेकर ही पहुंच गई। हुआ यूं कि मुंबई से चढ़े इन यात्रियों (प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों व अन्य) को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जाना था, मगर वे ओडिशा के राउरकेला पहुंचा दिए गए। ऐसा हुआ, ट्रेन के लोकोपायलट के रास्ता भूल जाने की वजह से।

गाड़ी जब ओडिशा पहुंची और वहां यात्रियों को इस बात का पता लगा तो हैरान रह गए। कुछ ने आपत्ति जताई, जबकि कुछ ने अपनी समस्या का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। ऐसे ही एक यात्री का वायरल वीडियो Congress नेता आरपीएन सिंह ने टि्वटर पर शेयर किया।

उन्होंने लिखा- मुंबई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ओडिशा जा पहुंची, क्योंकि ड्राइवर (लोकोपायलट) रास्ता ही भूल गया। मौजूदा सरकार की रणनीति में कोई भी समानता विशुद्ध रूप से संयोग है। उम्मीद है कि थके-हारे यात्री सही सलामत घर पहुंच गए होंगे।

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सिंह ने इस ट्वीट के साथ जो वायरल वीडियो क्लिप शेयर की थी, उसमें उक्त ट्रेन में बैठे एक यात्री ने बताया था, “मुंबई से हमने गाड़ी पकड़ी थी गोरखपुर जाने के लिए। पर ड्राइवर ने ओडिशा में लाकर खड़ाकर दिया। अब हम कैसे जाएंगे? क्या करेंगे? हम बहुत परेशानी में हैं। ड्राइवर रास्ता भूल गया है, बता रहे हैं।” देखें:

अगले ट्वीट में कांग्रेसी नेता ने लिखा- मान्यवर रेल मंत्रालय, प्रेस कांफ्रेंस करने के लिए आपका धन्यवाद। ये ट्रेन 21 मई को लगभग 7:30 PM बजे मुम्बई से गोरखपुर के लिए चली थी और आज 23 मई को 6 PM पर बिहार में है। थके,निराश और भूखे प्रवासी श्रमिक भाई जल्दी अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन आपलोग उन्हें और अधिक कष्ट दे रहें हैं।

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बता दें कि शनिवार (23 मई, 2020) को रेल मंत्रालय की प्रेस कॉनफ्रेंस में एक अफसर से इस बारे में सवाल पूछा गया। जवाब आया, “मैंने प्रेजेंटेशन में भी कहा- यूपी और बिहार…ये दोनों राज्य मिलाकर, 80 फीसदी ट्रेनें चली हैं। इस नेटवर्क पर कंजेशन है। जब भी किसी रोड पर ट्रैफिक जाम हो जाता है, तब वहां ट्रैफिक पर धीमे चलने से अच्छा है कि अगर कोई लंबा रूट है, तब आप तेजी से चलकर पहुंच जाएं।”

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