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पंजाब के सिखों तक बात पहुंचाने में IRCTC कर रहा PM की मदद, जानिए कैसे

भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ने पंजाब के किसानों को एक ईमेल भेजना शुरू किया है जिसमें पीएम मोदी और उनकी सरकार का सिखों संग खास रिश्तों का उल्लेख किया गया है।

modi government IRCTC india newsतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (पीटीआई)

केंद्र के तीन नए कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन की बीच IRCTC सिखों तक सरकार की बात पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दरअसल भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ने पंजाब के किसानों को एक ईमेल भेजना शुरू किया है जिसमें पीएम मोदी और उनकी सरकार का सिखों संग खास रिश्तों का उल्लेख किया गया है। IRCTC के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि 47 पन्नों की बुकलेट कुछ दिन पहले ही जारी की गई थी और सभी सरकारी विभाग इसे लोगों को भेज रहे हैं। ये बुकलेट उन लोगों को भेजी जा रही है जिनका उपनाम ‘सिंह’ है और पंजाब के निवासी हैं।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेल भेजना एक पब्लिक आउटरीच का हिस्सा था और इसका कुछ ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। बता दें कि जन लोगों को cim@irctc.co.in से मेल भेजा गया उन्होंने ट्रेन टिकट बुक करते समय IRCTC को अपनी ईमेल आईडी दी थी। हालांकि सिख समुदाय के अलावा उन लोगों को भी मेल आए हैं जिनका उपनाम ‘सिंह’ है।

भेजे गए मेल में हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषा में पीडीएफ फाइल अटैच है। ये पीएम को दिए कौमी सेवा पुरस्कार से शुरू होता है और सरकार द्वारा उठाए 13 प्रमुख उपायों के बारे में इसमें जानकारी दी गई है। जैसे श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए पंजीकरण की मंजूरी, पहली बार लंगर के लिए किसी तरह का टैक्स ना लेना, श्री करतारपुर कॉरिडोर निर्माण, तीन दशक बाद दंगा पीड़ितों के आंसू पौछना, जलियांवाला बाग मेमोरियल आदि बातों का जिक्र किया गया है।

उल्लेखनीय है कि ये बुकलेट सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई तस्वीरें हैं। इधर IRCTC की तरफ से उन्हें मेल भेज पर कुछ लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। जेपी सिंह @thejusticeprime ने ट्वीट कर पूछा कि क्या पार्टी अभियानों के लिए रेलवे ने हमारे डेटा के इस्तेमाल की मंजूरी दी है। गुरुनानक एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष राजिंदर सिंह भसिन कहते हैं कि सरकार अपनी बात को लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि सरकार किसानों की मांग क्यों नहीं सुन रही है।

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