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Indian Railways IRCTC: इन दो रूट्स पर दोबारा शुरू की गई गरीब रथ, वापस लिया गया फैसला

Indian Railways IRCTC Garib Rath Train News in Hindi: गरीब रथ, गरीब लोगों को एसी रेल की सुविधा देने के लिए तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने साल 2005 में शुरू की थी, जबकि पहली गरीब रथ रेल बिहार के सहरसा से पंजाब के अमृतसर के बीच चली थी।

Indian Railways IRCTC: तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

Indian Railways IRCTC: रेल मंत्रालय ने शुक्रवार (19 जुलाई, 2019) को काठगोदाम-जम्मू और काठगोदाम-कानपुर रेल रूट पर गरीब रथ ट्रेनों को मेल या एक्सप्रेस ट्रेन से प्रतिस्थापित करने का फैसले वापस ले लिया। साथ ही कम किराए वाली एसी ट्रेन (गरीब रथ) की सेवाएं इन रूट्स पर चार अगस्त से फिर से शुरू हो जाएंगी।

मंत्रालय के मुताबिक, उत्तर रेलवे में डिब्बों की कमी से गरीब रथ की साप्ताहिक चलने वाली दो जोड़ी ट्रेनों को अस्थाई तौर पर एक्सप्रेस सेवा के तौर पर चलाया जा रहा है। मंत्रालय ने इन ट्रेनों के हाल ही में संचालन बंद करने के विरोध के बाद ट्वीट में कहा, “काठगोदाम और जम्मूतवी के बीच चलने वाली गरीब रथ ट्रेन संख्या 12207/08 और कानपुर और काठगोदाम के बीच चलने वाली गरीब रथ ट्रेन संख्या 12207/10 की सेवाएं चार अगस्त, 2019 से दोबारा प्रभावी हो जाएंगी।”

मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा कि गरीब रथ ट्रेनों को हटाने की कोई योजना नहीं है और ऐसी 26 ट्रेनों का देश में संचालन किया जा रहा है। गरीब रथ, गरीब लोगों को एसी रेल की सुविधा देने के लिए तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने साल 2005 में शुरू की थी, जबकि पहली गरीब रथ रेल बिहार के सहरसा से पंजाब के अमृतसर के बीच चली थी। हालांकि, इस ट्रेन के लिए कोचों का निर्माण पहले ही रोका जा चुका है।

नेपाल तक ट्रेन चलाने की राह में एक और कदम!: भारत और नेपाल के बीच प्रस्तावित 18.5 किलोमीटर सीमा पार रेल लाइन के लिये भारत ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट नेपाल को सौंप दी है। यह रेल लाइन भारत के रूपैदिहा और नेपाल के कोहालपुर को जोड़ेगी। अखबार हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार रेलवे लाइन भारत में उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रूपैदिहा रेलवे स्टेशन से जायसपुर, इंद्रापुर, गुरूवा गांव, हवालदारपुर, राजहेना होते हुए नेपाल के कोहालपुर तक जाएगी।

खबर के मुताबिक, भारत ने रेलवे लाइन के लिये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सौंप दी है। रेलवे ट्रेक सड़क मार्ग के साथ साथ बनेगा। अधिकारियों के अनुसार 750 किलोमीटर लंबा इस रेलवे नेटवर्क का विकास पांच साल में किया जाएगा।

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