भारतीय रेलवे ने गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को इलाज के लिए तत्काल यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इमरजेंसी कोटा निर्धारित किया हुआ है। खासकर यह कोटा कैंसर मरीजों के लिए है जिसके तहत तत्काल यात्रा करने वाले यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल जाता है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी। साथ ही उन्होंने इस जवाब में यह भी बताया है कि कैसे इस इमरजेंसी कोटा के तहत कंफर्म टिकट प्राप्त किया जा सकता है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सांसद तेराश गोवाला और बाबूभाई जेसंगभाई देसाई द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि कैंसर मरीजों और उनके एक अटेंडेंट को कंप्यूटरीकृत पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर के माध्यम से इमरजेंसी कोटा के तहत आरक्षित टिकट उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा कुछ चुनिंदा ट्रेनों में कैंसर मरीजों के लिए अलग से सीटें भी निर्धारित की गई हैं।

क्या पूछा गया था प्रश्न?

तेराश गोवाला और बाबूभाई जेसंगभाई देसाई ने अपने प्रश्न में पूछा था कि क्या इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने वाले गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर कन्फर्म टिकट देने की कोई व्यवस्था है? साथ ही उन्होंने आवेदन प्रक्रिया, जरूरी मेडिकल दस्तावेज और सभी ट्रेनों एवं श्रेणियों में इस सुविधा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी मांगी थी।

इस प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि कैंसर मरीजों के अलावा हाई ऑफिशियल रिक्विजिशन (HOR) श्रेणी के पात्र लोगों जैसे केंद्र सरकार के मंत्री, सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के न्यायाधीश तथा सांसदों की आपात यात्रा आवश्यकताओं के लिए भी इमरजेंसी कोटा के तहत कुछ बर्थ आरक्षित रखी जाती हैं।

कैसे मिलता है लाभ और तत्काल टिकट?

रेल मंत्री के अनुसार, इस कोटा के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करने वाले मरीज आवश्यक मेडिकल दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम इमरजेंसी कोटा (EQ) कंट्रोलिंग अथॉरिटी से संपर्क करें।

सीटों की उपलब्धता और यात्रा की आवश्यकता की पुष्टि होने के बाद मौजूदा नियमों के अनुसार उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा।

कैंसेशनल टिकट पर यात्रा करने वाले कैंसर मरीज और उनके अटेंडेंट बुकिंग के समय ही इमरजेंसी कोटा का लाभ ले सकते हैं।

कैंसर मरीजों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं?

इस कोटा के तहत भारतीय रेलवे में कैंसर मरीजों और उनके अटेंडेंट के लिए कुल 12 बर्थ/सीटें आरक्षित हैं। इनमें:

  • फर्स्ट क्लास (FC) – 2 बर्थ
  • एसी 2 टियर (2A) – 2 बर्थ
  • एसी 3 टियर (3A) – 2 बर्थ
  • एसी चेयर कार (CC) – 2 सीटें
  • स्लीपर क्लास – 4 बर्थ

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