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रेल मंत्रालय का बड़ा फैसला, नहीं दिखाना पड़ेगा कोई आईडी प्रूफ, सिर्फ इससे ही हो जाएगा काम

रेल मंत्रालय के मुताबिक रेलवे की किसी भी रिजर्व क्लास में यात्रा के दौरान ई-आधार को आईडी प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एम-आधार ऐप लॉन्च किया था।

रेल मंत्रालय ने ई-आधार को ट्रेन में यात्रा के दौरान आईडी प्रूफ के तौर पर मान्यता दे दी है। मंत्रालय के मुताबिक रेलवे की किसी भी रिजर्व क्लास में यात्रा के दौरान ई-आधार को आईडी प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। ई-आधार आधार कार्ड का ही डिजिटल वर्जन है। यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एम-आधार ऐप लॉन्च किया था। इस ऐप पर केवल वही आधार कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है जो कि ऐप में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ लिंक हो। रेल मंत्रालय ने कहा है कि सिर्फ वही ई-आधार ट्रेन में यात्रा के दौरान आईडी प्रूफ के लिए वैलिड माने जाएंगे जो कि आधार ऐप में पासवर्ड डालने के बाद दिखाए जाएंगे।

ऐसे करें mAadhaar ऐप इंस्टॉल: गूगल प्ले स्टोर पर mAadhaar ऐप के डिवेलपर का नाम यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Unique Identification Authority of India) है। इसलिए डाउनलोड करने से पहले देख लें कि आप जिस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं उसके डिवेलपर का नाम यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ही है। आधार ऐप को डाउनलोड करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि फोन में वही नंबर होना चाहिए जो आपके आधार नंबर से लिंक है। जब आप आधार ऐप में अपनी प्रोफाइल सेटअप करेंगे तो उस पर ओटीपी आएगा। अगर मोबाइल नंबर एक्टिव नहीं होगा तो आप ऐप का सेटअप नहीं कर पाएंगे।

ऐप को इंस्टॉल करने के बाद सबसे पहले पासवर्ड बनाने के लिए कहा जाएगा। ऐप में आगे जब भी आप कुछ करेंगे तो हर बार पासवर्ड डालना होगा। पासवर्ड के बाद अगले पेज पर आधार कार्ड का डेटा डालना होगा। जब आप ऐप के मुताबिक डेटा डाल देंगे तो आपके पास वेरिफिकेशन के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ऐप ओटीपी को अपने आप एंटर कर लेगा। इसके बाद आधार डेटा अपने आप ऐप में आ जाएगा। इस ऐप का मकसद आधार डिटेल्स को शेयर करना आसान बनाना है।

जब आप mAadhaar ऐप को अपने फोन में सेटअप कर लेंगे तो इसमें आपका आधार कार्ड प्रोफाइल आ जाएगा। इसमें आपका मोबाइल नंबर, आधार कार्ड में दिया गया पता, जन्मतिथि आदि ऐप में आ जाएंगे। ऐप के माध्यम से यूजर अपनी आधार डिटेल्स को थर्ड पार्टी के साथ साझा कर सकता है। डिटेल्स को एनएफसी, क्यूआर कोड, बारकोड्स और ईमेल के द्वारा साझा किया जा सकता है। इस तरीके से थर्ड पार्टी के साथ डेटा शेयर करने के बाद अगर यूजर को कोई भी दिक्कत आती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी यूजर की होगी।

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