भारतीय रेलवे के खाने को लेकर चर्चा होती रहती है। इस बीच जानकारी सामने आई है, जिसमें पता चला है कि हर दिन 35 से अधिक लोग रेलवे के खाने को लेकर शिकायत करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार खाने में कॉकरोच या दूसरे कीड़े का मिलना या बाहरी वस्तुओं के मिलने की शिकायत लगातार सामने आ रही है। वहीं खाने की क्वालिटी, खाने की मात्रा, अधिक कीमत वसूलने को लेकर भी शिकायत आती रहती है।

साल में आईं 13 हजार शिकायतें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि 1 साल में 16 करोड़ यात्रियों को खाना परोसा गया है और इनमें से केवल 0.008 फीसदी मामलों में शिकायत दर्ज की गई। उनका कहना है कि खाने को लेकर की गई शिकायत एक संख्या से भी कम है। हालांकि रेलवे इसमें सुधार करने की कोशिश कर रहा है। रेल मंत्री ने कहा था कि हमारी कोशिश है किसी भी यात्री को खाने को लेकर परेशान ना होना पड़े। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक अधिकारी ने बताया रेलवे के पास खाने को लेकर करीब 13000 शिकायत आई है।

साधारण एक्सप्रेस ट्रेनों में ही नहीं बल्कि वंदे भारत ट्रेनों में भी खराब खाने की शिकायत आती रहती है। बीते 1 साल में रेलवे यात्रियों ने आगरा-बनारस वंदे भारत ट्रेन में घटिया खाने की शिकायत जमकर की है। वहीं कामाख्या-गुवाहाटी तेजस एक्सप्रेस में भी घटिया खाना देने की शिकायत हुई है।

यात्रियों ने क्या लिखा?

हाल ही में एक यात्री अनीता सिंह ने शिकायत करते हुए लिखा था कि उन्हें जो खाना परोसा गया, उसमें रोटी पापड़ जैसी सख्त थी जबकि पनीर और दाल बासी था। वहीं एक अन्य यात्री रवि ने लिखा भोपाल वंदे भारत में उसे परोसे गए खाने में कॉकरोच मिला था। रेलवे दावा करता है कि उनका किचन साफ सुथरा होता है और लोगों को स्वच्छ खाना मिलता है।

रेलवे यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सुविधा है। अगर कोई यात्री शिकायत करता है और वह सही पाई जाती है तो रेलवे कैटरिंग ठेकेदारों पर जुर्माना भी लगाया जाता है। पढ़ें कैसे बदलेगी भारतीय रेल की तस्वीर

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