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कॉस्‍ट कटिंग: विदेशों में अपनी एक-तिहाई शाखाएं बंद करने जा रहे सरकारी बैंक

बैंक अधिकारियों का कहना है कि "पूंजी बचाने के लिए विदेशों की 37 शाखाएं अभी तक बंद की जा चुकी हैं और इस साल के अंत तक 60-70 अन्य शाखाओं को भी बंद कर दिया जाएगा।

Author Updated: July 23, 2018 3:16 PM
विदेश से अपना कारोबार समेट रहे भारत के सरकारी बैंक। (file photo)

Sunny Verma

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, देश के कई पब्लिक सेक्टर बैंक विदेशों में स्थित अपनी 216 शाखाओं में करीब 70 शाखाओं को इस साल के अंत तक बंद करने जा रहे हैं। सरकारी बैंक कॉस्ट कटिंग करने और पूंजी बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठा रहे हैं। जो बैंक विदेशों में अपना कारोबार समेट रहे हैं, उनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, IDBI बैंक और बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंक शामिल हैं। हालांकि लाभ देने वाले कारोबार जैसे अरब देशों में स्थित रेमिटेंस ऑफिस (प्रेषण कार्यालयों) आदि को पहले की तरह ही चालू रखा जाएग और सिर्फ घाटे में चल रही शाखाओं को ही बंद किया जाएगा।

बैंक अधिकारियों का कहना है कि “पूंजी बचाने के लिए विदेशों की 37 शाखाएं अभी तक बंद की जा चुकी हैं और इस साल के अंत तक 60-70 अन्य शाखाओं को भी बंद कर दिया जाएगा। बंद किए जा रहे कार्यालयों में बैंक शाखाएं, रिप्रजेंटेटिव ऑफिस और रेमिटेंसेस ऑफिस शामिल हैं।” कुछ शाखाओं को बंद करने के बजाए छोटे रिप्रजेंटेटिव कार्यालयों में बदला जा रहा है। दुबई, शंघाई, जेद्दाह और हांगकांग में स्थित शाखाओं को बंद कर दिया गया है। हैं। श्रीलंका, फ्रांस स्थित शाखाओं को रिप्रजेंटेटिव ऑफिस में तब्दील कर दिया गया है। स्टेट बैंक अपनी 6 विदेशी शाखाओं को अभी तक बंद कर चुका है, वहीं 9 अन्य शाखाओं को भी जल्द बंद करने की तैयारी में है। बैंक से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बैंकों ने रेगुलेटरी अप्रूवल लेने की प्रक्रिया शुरु कर दी है, जिसमें थोड़ा वक्त लग सकता है।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों की बिगड़ती हालत को सुधारने के लिए बीते साल बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपए की पूंजी निवेश करने का ऐलान किया था। साथ ही सरकार ने बैंकों से उनके विदेशी कारोबार को ‘व्यवस्थित’ करने का भी आदेश दिया था। रिकॉर्ड घाटे और बुरे लोन के कारण देश के पब्लिक सेक्टर के बैंकों की हालत खराब हो गई है। इसी के चलते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने PCA के तहत 11 बैंकों को शामिल किया है। बीते सप्ताह ही वित्त मंत्रालय ने पंजाब नेशनल बैंक, को-ऑपरेशन बैंक, आंध्र बैंक, इलाहाबाद बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक को 11,336 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश अप्रूव किया है।

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