दिल्ली और अन्य संवेदनशील जगहों पर आतंकी घटना को अंजाम देने के फिराक में 28 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रविवार कहा कि जांच में पता चला है कि आरोपी रिजवान अहमद इराकी हैंडलर अबु ओसामा के संपर्क में था।

कथित तौर पर ओसामा ने आईएसआईएस के ऑपरेशन्स के लिए भारत में नाबालिगों की भर्ती और युवाओं के कट्टरपंथीकरण से जुड़े निर्देश भेजता था। रिजवा अहमद ने आईईडी के लिए सामान भी जुटाए और तीन-चार युवाओं का कट्टरपंथीकरण भी किया।

कुशीनगर का रहने वाला है आरोपी

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक सूत्र ने कहा, रिजवान अहमद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला है। उसे उसके घर से 4 अप्रैल को विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को पता लगा कि रिजवान अहमद मुंबई के एक अन्य निवासी के साथ भारत में आतंकी घटना को अंजाम देने के फिराक में है। 28 मार्च को भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) और UAPA की कई धाराओं के तहत एक FIR दर्ज की गई। सूत्र ने बताया, रिजवान के घर छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक साक्ष्य मिले, जिनमें पोटेशियम नाइट्रेट, साइट्रिक एसिड मोनोहाइड्रेट, बिजली के तार, अलार्म घड़ी, बैटरी और इंडिकेटर शामिल हैं – ये सभी IED बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री हैं।”

फोन और रजिस्टर में मिले आपत्तिजनक साक्ष्य

सू्त्र ने बताया, “उसके फोन और जब्त किए गए एक रजिस्टर से चैट और हाथ से लिखे नोट्स मिले, जिसमें विस्फोटक बनाने और तैयार करने की जानकारी थी, इससे उसका आईएसआईएस में भर्ती और देशविरोधी गतिविधियों से जुड़ाव सामने आया।”

पूछताछ के दौरान रिजवान ने पुलिस को बताया कि वह ओसामा के संपर्क में था। ओसामा की पहचान की पुष्टि की जा रही है। सूत्र ने बताया, “उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उन लोगों से संपर्क करना शुरू किया, जो देश-विरोधी सामग्री पोस्ट कर रहे थे।”

2016 में भी हुआ था गिरफ्तार

साल 2016 में उसे पहले मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया और फिर एनआईए ने, जिसके बाद उसे दोषी पाया गया और उसे 8 साल की जेल हुई। जेल से वह साल 2024 में बाहर आया और कुछ छोटे-मोटे काम करने लगा। लेकिन कुछ महीने बाद उसने फिर से सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू किया और हैंडलर से संपर्क किया, जिसने उसे पैसे के लिए क्रिप्टो वैलेट बनाने को कहा। उसने एक नाबालिग को चुना था और वह उसे ट्रेनिंग के लिए नेपाल भेजने का प्लान बना रहा था।

युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में रिजवान के रोल के बारे में बात करते हुए सूत्र ने कहा, जांच में यह भी सामने आया कि उसने आईईडी के लिए सामान इकट्ठा किए और तीन-चार युवाओं को भर्ती किया। उन्होंने कुछ खास जगहों को हमला करने के लिए चुना था।

पुलिस को आईएसआईएस के और भी नेटवर्क होना का शक है। इसके लिए जांच एजेंसियां नए मेंबर का पता लगाने और इस मॉड्यूल को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस ने एक युवक को कथित तौर पर ISIS की विचारधारा का प्रचार करने और भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए सदस्यों की भर्ती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान हरीष अली के रूप में हुई है, जो बीडीएस सेकेंड ईयर का छात्र है। उसे मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें