ऑपरेशन सिंदूर के डेढ़ साल बाद भारत ने सोमवार से शुरू हुए शंघाई सहयोग संगठन के समन्वयकों की बैठक के लिए विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को पाकिस्तान भेजा है। विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और भारत के SCO समन्वयक आलोक डिमरी इस्लामाबाद में हो रही बैठक में भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे हैं।
दिल्ली का रुख यह रहा है कि हालांकि द्विपक्षीय बातचीत आतंकवाद से मुक्त अनुकूल वातावरण में होनी चाहिए, लेकिन वह एससीओ के प्रारूप के तहत पाकिस्तान के साथ बातचीत करेगा। पहलगाम आतंकी हमले और पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के बाद भारत सरकार का रुख रहा है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।
इस्लामाबाद कर रहा मेजबानी
इस हफ्ते सोमवार से बुधवार तक, पाकिस्तान इस्लामाबाद में एससीओ समूह के नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की मेजबानी कर रहा है ताकि पाकिस्तान की अध्यक्षता में कार्यक्रम और अन्य संगठनात्मक मामलों पर चर्चा की जा सके। रविवार को एक बयान में, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि 2026-27 के लिए एससीओ सीएचएस की पाकिस्तान की अध्यक्षता में एससीओ सीएनसी की पहली बैठक इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने क्या कहा?
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा, “नेशनल कोऑर्डिनेटर्स एससीओ सहयोग और समन्वय से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें पाकिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित गतिविधियों का कार्यक्रम, आगामी एससीओ बैठकों और कार्यक्रमों की तैयारी और एजेंडा में शामिल अन्य मामले शामिल हैं।”
अधिकारियों ने बताया कि एससीओ के लिए पाकिस्तान के नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉ. एम. फैसल बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी यह दिखाती है कि नई दिल्ली लगभग दो साल बाद पाकिस्तान में एससीओ की बैठक में हिस्सा ले रही है। सूत्रों ने बताया कि भारत एससीओ के साथ जुड़ना चाहता है और इसी वजह से एससीओ समन्वयक को पाकिस्तान भेजा गया है। पाकिस्तान संभवतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित करेगा।
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प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26 वीं बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। कल उन्होंने सम्मेलन से पहले ईरान, रूस, किर्गिस्तान और अर्मेनिया के नेताओं से मुलाकात की। इसी सिलसिले में पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा, “हमें अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा।” यहां क्लिक कर पढे़ें पूरी खबर…
