UN में पाक ने फिर से उठाया कश्मीर में मानवाधिकार हनन का मुद्दा, भारत ने दिया करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र महासभा की तृतीय समिति की बैठक में पाकिस्तान पर भारत ने करारा पलटवार किया है। इस मीटिंग में पहली बार संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय समूह ने चीन के शिंजियांग में मानवाधिकार हनन रोकने और वहां संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं को फौरन जाने देने की मांग की है।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा की तृतीय समिति की बैठक में भारत ने पाक पर किया पलटवार (प्रतीकात्मक फोटो)

संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत पर पाकिस्तान ने एक बार फिर से कश्मीर में मानवाधिकार हनन का आरोप लगाया है। जिस पर पलटवार करते हुए भारत ने भी करारा जवाब दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान के इस मुद्दे को उठाने पर भारत ने इसे झूठा और दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार करार दिया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की तृतीय समिति की बैठक में पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाया। इस पर भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव आशीष शर्मा ने पाकिस्तान को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान के झूठे और दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार की मैं निंदा करता हूं। हम ऐसी सभी कोशिशों को पूरी तरह से खारिज करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत एक बहु-धार्मिक, बहु-जातीय और बहु-भाषी देश है। यहां लोकतंत्र और कानून का शासन चलता है। कश्मीर मुद्दे को अल्पसंख्यकों के अधिकारों से गलत तरीके से और बार-बार जोड़ा जा रहा है। भारत में अल्पसंख्यक संविधान में दिए गए सभी मूल अधिकारों का लाभ उठा रहे हैं।

भारत की ओर से कहा गया कि कश्मीर के लोग कहीं अधिक स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकारों का लाभ उठा रहे हैं। खासकर महिलाओं को पहले की तुलना में कहीं अधिक अधिकार और स्वतंत्रता मिली है। आशीष शर्मा ने कहा- “विकास के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की किसी भी कोशिश पर कड़ी आपत्ति प्रकट करते हैं”।

भारत के इस जवाब से पहले पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए चीन के सपोर्ट में भी उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि हम चीन की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को कमजोर करने वाले अवांछित बयान को खारिज करते हैं। हम समावेशी विकास, सामाजिक संरक्षण, समान व्यवहार और जातीय एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के संरक्षण किये जाने के चीन के मॉडल की सराहना करते हैं।

हालांकि ह्यूमन राइट्स वाच ने इस बात का जिक्र किया कि इस मीटिंग में 43 सरकारों ने उइग्युर और अन्य तुर्कीक मुस्लिमों की अशांत शिंजियांग प्रांत में घोर मानवाधिकार हनन की कड़ी निंदा की है। ह्यूमन राइट्स वाच के संयुक्त राष्ट्र निदेशक लुइस चारबोनीयु ने चीन में मानवाधिकार के उल्लघंन का जिक्र करते हुए कहा कि शिंजियांग में चीन के मानवाधिकार हनन करने की वैश्विक निंदा चीनी सरकार के लिए चिंता का विषय होनी चाहिए। उइग्युर और अन्य तुर्कीक मुस्लिमों के लिए उम्मीद की किरण होनी चाहिए।

पहली बार संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय समूह ने शिंजियांग में मानवाधिकार हनन रोकने और वहां संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं को फौरन जाने देने की मांग की है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से शिंजियांग में मानवाधिकारों के खिलाफ कथित अपराधों की औपचारिक जांच के लिए एक अंतराष्ट्रीय आयोग गठित करने की मांग की गई है।

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