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सरकारी वेबसाइट पर POK को बताया ‘आज़ाद जम्मू-कश्मीर’, सवाल उठे तो वापस ले ली रिपोर्ट

एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की वेबसाइट पर पिछले कुछ दिनों से गलत मैप के साथ लगी थी विस्तारा फ्लाइट से जुड़ी एक जांच रिपोर्ट।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र श्रीनगर | Updated: January 13, 2021 9:20 AM
Indian Governement, Aviation Siteप्रतीकात्मक तस्वीर।

सरकारी दस्तावेजों में जम्मू-कश्मीर के नक्शे में भारत की तरफ पड़ने वाले हिस्से के साथ-साथ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भी शामिल किया जाता रहा है। हालांकि, सरकार की ही एक वेबसाइट पर पिछले कई दिनों से एक जांच रिपोर्ट लगी रही, जिस पर एलओसी के पार पड़ने वाले कश्मीर के हिस्से को आजाद जम्मू-कश्मीर के तौर पर चिह्नित किया गया था। अब सोशल मीडिया पर इस पर सवाल उठने के बाद इस नक्शे को हटा लिया गया है।

बताया गया है कि एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की वेबसाइट पर कुछ दिनों पहले तक एक रिपोर्ट लगी थी, जिसमें जुलाई 2019 तक की गंभीर घटनाओं की जांच का जिक्र था। दरअसल, इसी दौरान विस्तारा एयरलाइंस की श्रीनगर से जम्मू उड़ने वाली एक फ्लाइट खराब मौसम की वजह से डायवर्ट की गई थी। यह फ्लाइट 460 किलो ईधन के साथ अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी। हालांकि, लैंडिंग के दौरान पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से आपात स्थिति में कम फ्यूल होने की शिकायत की थी। इसके बाद ही AAIB ने जांच बिठाई और इसकी फाइनल रिपोर्ट वेबसाइट पर लगाई थी।

इसी रिपोर्ट में AAIB ने जो मैप लगाया था, उसमें LoC के पार वाले जम्मू-कश्मीर को आजाद जम्मू-कश्मीर के तौर पर मार्क किया गया था। इसी तस्वीर के नीचे लिखा गया था कि विस्तारा एयरक्राफ्ट द्वारा लिया गया रूट। मैप पर फ्लाइट का मार्ग नहीं बताया गया था, लेकिन अगर किसी फ्लाइट को श्रीनगर से जम्मू पहुंचना है, तो उसे एलओसी पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के ऊपर से उड़ान भरने की जरूरत नहीं होगी।

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, आजाद जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठने के बाद नागर उड्डयन मंत्रालय ने वेबसाइट से यह रिपोर्ट हटा ली। इसकी जगह ठीक किए गए मैप के साथ एक नई जांच रिपोर्ट लगाई गई। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ थी, जिसे सुधार लिया गया है। इस मामले पर एयर सेफ्टी एक्सपर्ट कैप्टन अमित सिंह ने भी रिपोर्ट से जुड़ी विवादास्पद पिक्चर ट्वीट की थी। उन्होंने कहा कि यह जांच रिपोर्ट इतनी बेकार होती हैं कि किसी को भी इन्हें देखकर कोई फायदा नहीं होगा।

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