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IE 100 2017: ताकतवर भारतीयों की इंडियन एक्‍सप्रेस लिस्‍ट में नरेंद्र मोदी फिर टॉप पर, सोनिया-राहुल गांधी फिसले

इंडियन एक्‍सप्रेस की साल 2017 के सबसे ताकतवर भारतीयों की सूची में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह दूसरे सबसे ताकतवर भारतीय हैं।

Author Updated: March 28, 2017 11:45 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे ताकतवर व्‍यक्ति है। इंडियन एक्‍सप्रेस की साल 2017 के सबसे ताकतवर भारतीयों की सूची में पीएम मोदी नंबर वन रहे हैं। मोदी के बाद भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह दूसरे सबसे ताकतवर भारतीय हैं। उन्‍होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को नीचे धकेला है, जो तीसरे पायदान पर हैं। पांच राज्‍यों के चुनाव नतीजों के चलते शाह का दबदबा बढ़ा है। सूची में टॉप तीन नाम वहीं हैं जो साल 2015-16 और 2016-17 की सूची में थे। इस सूची में राजनेताओं के साथ ही नौकरशाही, खेल, और बिजनेस क्षेत्र के लोगों को भी जगह मिली है। एक खास बात यह भी है कि इस सूची साफ होता है कि विपक्ष के नेता अपनी पकड़ खो रहे हैं। क्‍यों कि 2015-16 की लिस्‍ट के बाद से उनकी पकड़ लगातार कमजोर होती रही है। उदाहरण के तौर पर दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल। वे आठवें स्‍थान से फिसलकर 33वें नंबर पर चले गए हैं। ये हैं इंडियन एक्‍सप्रेस की सबसे ताकतवर भारतीयों की लिस्‍ट के टॉप-10 व्‍यक्ति:

1. नरेंद्र मोदी: वे लगातार तीसरे साल निर्विवाद रूप से नंबर वन हैं। उनके नेतृत्‍व में भाजपा अजेय दिखती है। सरकार के हर काम में उनकी झलक दिखती है। मोदी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री का दफ्तर सबसे ताकतवर संस्‍थान बना है। नोटबंदी के फैसले पर भले ही सवाल उठे लेकिन मोदी ने उसे जनता के बीच भरोसे के रूप में स्‍थापित किया। उन्‍हें फोटोग्राफी करना पसंद हैं।

2. अमित शाह: भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने खुद को भाजपा के ट्रंप कार्ड के तौर पर पेश किया है। उत्‍तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र और मणिपुर में भाजपा की कामयाबी ने उनकी रणनीति को बेजोड़ साबित किया है। उत्‍तर प्रदेश और उत्‍तराखंड में सीएम बनाने में उनकी ही चली है। इन कारणों के चलते वे आरएसएस चीफ मोहन भागवत को नीचे धकेल दूसरे नंबर पर आ गए।

3. मोहन भागवत: आरएसएस प्रमुख ने यह तय किया संघ और भाजपा कदम से कदम मिलाकर चले ताकि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय की गलतियां ना हों। कुछ घटनाओं के बावजूद उनके नेतृत्‍व में आरएसएस मोदी सरकार का अच्‍छा साथी साबित हुआ है।

4.जस्टिस जेएस खेहर: जस्टिस खेहर देश के 44वें मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्‍होंने जजों की नियुक्ति के लिए बनाए गए विवादास्पद ‘नेशनल जुडिशि‍यल अपॉइंटमेंट कमिशन (एनजेएसी) का नेतृत्व किया था। मोदी सरकार के हस्तक्षेप के बाद भी जस्टिस खेहर ने जिस तरह से कॉलेजियम को शक्ल दी उसकी जमकर सराहना की गई। जस्टिस केहर सुप्रीम कोर्ट में देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं की सुनवाई में खासे दिलचस्पी लेते हैं।

5. अजीत डोवाल: वे मोदी सरकार के सबसे अहम ब्‍यूरोक्रेट हैं। सभी मामलों में वे प्रधानमंत्री की आंख हैं। विदेश नीति से लेकर आतंकी चुनौतियों का सामना करने के लिए मोदी उन पर भरोसा करते हैं। सर्जिकल स्‍ट्राइक में उनकी बड़ी भूमिका रही।

6. अरुण जेटली: वित्‍त मंत्री मोदी सरकार में प्रभावशाली रूप से नंबर दो नेता हैं। अर्थव्‍यवस्‍था को आगे बढ़ाने और नोटबंदी के असर को कम करने में उनकी बड़ी भूमिका रही। मनोहर पर्रिकर के गोवा वापस जाने के बाद वे अब रक्षा मंत्री भी हैं। जीएसटी के मुद्दे पर भी वे विपक्ष को साथ लेने में सफल रहे हैं।

7. मुकेश अंबानी: रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी देश के सबसे अमीर व्‍यक्ति हैं। उनकी नेटवर्थ 1,75,400 करोड़ रुपये है। रिलायंस जियो के जरिए उन्‍होंने भारतीय टेलीकॉम जगत में एक नई तस्‍वीर बनाई है। मीडिया क्षेत्र में उनका प्रभाव बढ़ रहा है।

8. योगी आदित्‍य नाथ: देश की सर्वाधिक आबादी वाले राज्‍य का मुख्‍यमंत्री बनना काफी बड़ी बात और जिम्‍मेदारी है। वे भाजपा के हिंदुत्‍व को चेहरा हैं। सीएम बनकर उन्‍होंने काफी लोगों को हैरान किया।

9. सोनिया गांधी: अपनी असक्रियता और बढ़ती उम्र के बावजूद वह कांग्रेस का प्रमुख चेहरा हैा। वे देश की सबसे पुरानी की सर्वाधिक समय से कांग्रेस चीफ हैं। पार्टी में आज आखिर फैसला इन्‍हीं का होता है।

10. राहुल गांधी: सोनिया गांधी की बढ़ती उम्र और असक्रियता के चलते राहुल गांधी का कांग्रेस में प्रभाव बढ़ा है। लोकसभा में कम संख्‍या के बावजूद कांग्रेस संसद में विपक्ष की एकजुटता का केंद्र रही है। भले ही कांग्रेस को चुनावों में हार मिल रही हो लेकिन पार्टी में उन्‍हें कोई चुनाती नहीं है। इस साल वे कांग्रेस के अध्‍यक्ष भी बन सकते हैं।

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