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आठ साल में भारत की जीडीपी में 63.8% इजाफा लेकिन वेतन केवल 0.2% बढ़ा

2008 से अब तक पूरी दुनिया में सबसे अधिक औसत वेतन वृद्धि चीन में हुई है।

Author Published on: September 16, 2016 9:12 AM
500 के पुराने नोटों की गिनती करता एक व्यक्ति। (चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।)

एक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार साल 2008 से भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 63.8 फीसदी का इजाफा हुआ लेकिन भारतीयों के औसत वास्तविक वेतन में केवल 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं चीन में इस दौरान दुनिया में सबसे अधिक 10.6 फीसदी औसत वेतन वृद्धि हुई। कॉर्न फेरी के हे ग्रुप डिवीजन की रिपोर्ट के मुताबिक इन आठ सालों में वास्तविक वेतन वृद्धि के मामले में चीन के बाद इंडोनेशिया (9.3 फीसदी) और मेक्सिको (8.9 फीसदी) सबसे आगे रहे। वहीं, कुछ अन्य उभरते बाजारों मसलन तुर्की, अर्जेंटीना, रूस और ब्राजील में इस दौरान वेतन बढ़ने के बजाय कम हो गए। इन देशों में वास्तविक वेतन क्रमश: 34.4 फीसदी, 18.6 फीसदी, 17.1 फीसदी और 15.3 फीसदी घटे हैं। कोर्न फेरी हे ग्रुप ग्लोबल प्रोडक्ट मैनेजर बेंजामिन फ्रॉस्ट के अनुसार भारत में निचले स्तर के कर्मचारियों के वेतन में 30.1 फीसदी की गिरावट आई है। संस्था के अनुसार यह गिरावट ज्यादा कामगारों की उपलब्धतता के कारण आई है।

2008 में पूरी दुनिया में आई अमेरिकी आर्थिक मंदी का असर सभी देशों पर पड़ा था। हालांकि भारत इससे सबसे कम प्रभावित देशों में माना जाता है। संस्था की रिपोर्ट के अनुसार 2008 के बाद अमेरिका की जीडीपी 10.2 फीसदी की दर से बढ़ी है लेकिन औसत वेतन 3.1 फीसदी घट गया है। इस दौरान अमेरिका में नए कामगारों काे औसत वेतन 14.8 फीसदी की कमी आई है। विकसित देशों में सबसे अच्छी वेतन वृद्धि दर कनाडा की रही। पिछले आठ साल में  कनाडा की जीडीपी 11.2 फीसदी बढ़ी है, जबकि औसत वेतन 7.2 फीसदी बढ़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार जी-20 के ज्यादातर देशों में वेतन वृद्धि के मामले में भारत में बहुत असमानता है। कॉर्न फेरी हे ग्रुप के ग्लोबल प्रोडक्ट मैनेजर (वेतन) बेंजामिन फ्रॉस्ट ने कहा कि जिन देशों का अध्ययन किया गया उनमें भारत में वेतन बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा असमानता है। भारत में पिछले आठ सालों में उच्च स्तर की नौकरियों में वेतन में 33.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं भारत में निचले 30 प्रतिशत कर्मचारियों का वेतन काफी कम हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में सीनियर लेवल पर मजबूत सेलरी ग्रोथ का कारण इन अहम पदों पर योग्य लोगों की कमी है। अन्य देशों के बाजारों की तुलना में उच्च पदों पर कम वेतन दिया जाता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर के समकक्ष लाने के लिए उनके वेतन में ज्यादा वृद्धि की गई।

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