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घर लौटा आइएस में शामिल हुआ मुंबई का युवक आरिफ़ माजिद

मुंबई। आरिफ माजिद नाम के जिस युवक के बारे में अब तक माना जा रहा था कि वह सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आइएस) की तरफ से लड़ते हुए मारा गया, शुक्रवार को मुंबई लौट आया। उसे मुंबई लौटने के कुछ घंटे बाद देर रात हिरासत में ले लिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मजीद […]

Author Updated: November 29, 2014 9:51 AM

मुंबई। आरिफ माजिद नाम के जिस युवक के बारे में अब तक माना जा रहा था कि वह सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आइएस) की तरफ से लड़ते हुए मारा गया, शुक्रवार को मुंबई लौट आया। उसे मुंबई लौटने के कुछ घंटे बाद देर रात हिरासत में ले लिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मजीद से एनआइए व अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजंसियों ने पूछताछ की और उसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। उसे शनिवार को एक विशेष एनआइए अदालत में पेश किया जाएगा।

आइएस और उसके सदस्यों के खिलाफ आइपीसी की धारा 125 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है जो भारत के साथ दोस्ताना रिश्ते रखने वाले किसी एशियाई देश के खिलाफ जंग छेड़ने से जुड़ा है और इसमें अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात एनआइए को मामला दर्ज करने का निर्देश देते हुए अधिसूचना जारी की।

आरिफ मुंबई के पास कल्याण शहर का निवासी है। इस साल मई में कल्याण से चार युवक-आरिफ मजीद, शाहीन टनकी, फहद शेख और अमन टांडेल पश्चिम एशिया के धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए गए थे लेकिन बाद में वे गायब हो गए। इन सभी पर शक था कि ये पश्चिम एशिया में सक्रिय आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट आॅफ इराक एंड सीरिया में शामिल हो गए हैं। इस जेहादी संगठन ने अब अपना नाम बदलकर इस्लामिक स्टेट कर लिया है।

आरिफ के पारिवारिक मित्र इफ्तेखार खान ने कहा कि आरिफ के पिता एजाज को शुक्रवार सुबह सुरक्षा एजंसियों से फोन आया। उन्हें बताया गया कि उनका बेटा मुंबई में है। सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र का आतंकवादी निरोधक दस्ता (एटीएस) आरिफ के मुंबई लौटने को लेकर एनआइए के संपर्क में है। एटीएस आरिफ और उसके साथ पश्चिम एशिया गए तीन अन्य युवकों के परिवारों से पूछताछ कर चुकी है।

पुलिस के मुताबिक इंजीनियरिंग के ये चारों छात्र इराक में धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए 22 तीर्थयात्रियों के एक समूह का हिस्सा बनकर बगदाद गए थे। अगले दिन आरिफ ने बगदाद से अपने परिवार को फोन किया और उन्हें बगैर बताए चले जाने के लिए माफी मांगी। अन्य यात्रियों ने भारत लौटने पर बताया कि आरिफ मजीद, शाहीन टनकी, फहद शेख और अमन टांडेल किराए पर टैक्सी लेकर बगदाद से पश्चिम में स्थित शहर फालुजा चले गए जो इराक के चरमपंथ के केंद्र के रूप में उभरा था।

एक पारिवारिक मित्र अतीक खान ने संवाददाताओं को बताया कि 26 अगस्त को टनकी ने आरिफ के परिवार को फोन किया था और उससे कहा था कि उनका बेटा सीरिया में आइएस की तरफ से लड़ते हुए शहीद हो गया। अगले दिन आरिफ के परिवार ने कल्याण में ‘जनाजा-ए-गयाबाना’ (शव की अनुपस्थिति में दिवंगत आत्मा के लिए की जाने वाली रस्म) पढ़ा। हाल ही में आरिफ के पिता एजाज मजीद ने कथित रूप से एनआइए से भेंट की थी और उससे कहा था कि उनका बेटा तीन महीने तक आइएस के पक्ष में लड़ाई करने के बाद उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र से भागकर तुर्की चला गया और अब वह भारत लौटना चाहता है।

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