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आर्मी ऑफिसर के एफिडेविट में दावा- फेक एनकाउंटर किए, रंगदारी मांगी

लेफ्टिनेंट कर्नल का कहना है कि सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के गलत कामों का खुलासा करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हलफनामे के अनुसार, 9 सितंबर, 2016 को लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह ने एक फर्जी एनकाउंटर के मामले में शिकायत की थी।

Author July 30, 2018 1:44 PM
लेफ्टिनेंट कर्नल ने सेना की इंटेलीजेंस यूनिट पर लगाए गंभीर आरोप। (express photo)

Jimmy Leivon

भारतीय सेना की 3 कॉर्प्स इंटेलीजेंस यूनिट के एक लेफ्टिनेंट कर्नल ने मणिपुर हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है। अपने इस हलफनामे में लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि 3 कॉर्प्स इंटेलीजेंस यूनिट की एक टीम राज्य में मासूम लोगों की हत्या और जबरन वसूली को बढ़ावा दे रही है। लेफ्टिनेंट कर्नल के हलफनामे की एक कॉपी इंडियनएक्सप्रेस.कॉम के पास भी है। मणिपुर हाईकोर्ट में यह हलफनामा लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी रंजू सिंह ने दाखिल किया है। हलफनामे में रंजू सिंह ने बताया है कि उनके पति लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है। वहीं इस हलफनामे के बाद मणिपुर हाईकोर्ट ने भारतीय सेना को 1 अगस्त तक अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

लेफ्टिनेंट कर्नल के हलफनामे में दावा किया गया है कि उन्हें बीते 1 जुलाई को लेफ्टिनेंट कर्नल नंदा और मेजर राठौर के नेतृत्व सेना के कुछ जवानों ने हिरासत में ले लिया था और 5 दिन बाद कोर्ट के आदेश से उन्हें रिहा किया गया था। वहीं दूसरी तरफ भारतीय सेना ने लेफ्टिनेंट कर्नल के दावों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया है। सेना का कहना है कि लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह फिलहाल छुट्टियों पर हैं और अपने परिवार के साथ इंफाल में रह रहे हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल का कहना है कि सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के गलत कामों का खुलासा करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हलफनामे के अनुसार, 9 सितंबर, 2016 को लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह ने एक फर्जी एनकाउंटर के मामले में शिकायत की थी। इस मामले में सेना की एक टीम ने मणिपुर के मासूम युवकों का रंगापहाड़ इलाके में फर्जी एनकाउंटर कर दिया था। हलफनामे में सैन्य अधिकारी ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है।

हलफनामे में एक अन्य मामले का भी जिक्र है, जिसमें 3 कॉर्प्स इंटेलीजेंस यूनिट की टीम साल 2010 से 2011 तक हत्या और जबरन वसूली के मामलों में शामिल रही थी। हलफनामे के अनुसार, 10 मार्च, 2010 को 3 मणिपुरी युवकों को उनके किराए के मकान से हिरासत में लेकर एनकाउंटर में मार दिया गया था। गुवाहटी हाईकोर्ट में इस मामले से संबंधित एक केस भी चल रहा है। मेजर टी. रवि ने इस घटना को लेकर जनरल ऑफिसर कमांडिंग को एक पत्र भी लिखा था कि 3 मणिपुरी युवकों की हत्या के पीछे सेना की 3 कॉर्प्स इंटेलीजेंस यूनिट का हाथ है। ऐसे ही एक मामले में सेंट डोमिनिक कॉलेज के एक छात्र सतीश और उसके साथी को शिलॉन्ग से हिरासत में लिया गया था और बाद में मासिमपुर के जंगलों में दोनों की हत्या कर दी गई थी। लेफ्टिनेंट कर्नल के हलफनामे के अनुसार, सेना की 3 कॉर्प्स यूनिट ही दीमापुर में एक महिला और उसके बच्चे की किडनैपिंग के मामले में शामिल थी, जिसमें महिला की रिहाई के बदले 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी।

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