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थलसेना के पास सिर्फ 10 से 20 दिन युद्ध लड़ने का हथियार: कैग

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने थलसेना में युद्ध सामग्री प्रबंधन के मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय की खिंचाई की। सीएजी ने कहा कि युद्ध सामग्री की भारी कमी गंभीर चिंता का कारण है...

Author Published on: May 9, 2015 9:43 AM

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने थलसेना में युद्ध सामग्री प्रबंधन के मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय की खिंचाई की। सीएजी ने कहा कि युद्ध सामग्री की भारी कमी गंभीर चिंता का कारण है जिससे बल की अभियान से जुड़ी तैयारियां सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं ।

संसद में आज पेश की गई रिपोर्ट में सीएजी ने कहा, ‘‘अभियान की अपेक्षित अवधि की जरूरतें पूरी करने के लिए वॉर वेस्टेज रिजर्व (डब्ल्यूडब्ल्यूआर) के खिलाफ अधिकृत भंडार की उपलब्धता जहां थलसेना की तैयारियों को सुनिश्चित करने का बुनियादी मानदंड है, वहीं हमने समीक्षा के दौरान पाया कि 40 (आई) दिनों की डब्ल्यूडब्ल्यूआर के खिलाफ युद्ध सामग्री के कुल प्रकारों के सिर्फ 10 फीसदी हिस्से में उसकी उपलब्धता है ।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘युद्ध सामग्री के कुल प्रकारों की 50 फीसदी में होल्डिंग ‘नाजुक’ है…..जैसे, 10 (आई) दिनों से कम।’’

सीएजी ने कहा कि समग्र होल्डिंग पिछले कुछ सालों से लगातार कम हो रही है और उच्च क्षमता वाली युद्ध सामग्री में यह खासतौर पर हो रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘लगातार होती जा रही कमी से निजात पाने के लिए थलसेना मुख्यालय ने 1999 में एक न्यूनतम स्वीकार्य जोखिम का स्तर (एमएआरएल) 20 (आई) दिन तय किया था। हमने पाया कि 15 साल के बाद भी एमएआरएल का स्तर नहीं हासिल किया जा सका। इसकी भारी कमी गंभीर चिंता का कारण है जिससे थलसेना की अभियान से जुड़ी तैयारियां सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं।’’

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