सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को युवाओं के एक समूह के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आज की युवा पीढ़ी की जमकर तारीफ की और Gen Z को अपनी जेनरेशन से बेहतर बताया। सेना प्रमुख ने इस दौरान कैफे खोलने का अपना सपना भी शेयर किया।
Gen Z के बारे में बात करते हुए भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “सबसे पहले तो मैं यह स्वीकार करता हूं कि यह पीढ़ी हमारी पीढ़ी से कम से कम 10 गुना बेहतर है। वे कहीं भी आसानी से ढल जाते हैं। वे सामाजिक रूप से जागरूक हैं, वैश्विक स्तर पर जुड़े हुए हैं और डिजिटल रूप से कुशल हैं।”
जनरल ने आगे कहा, “भारतीय सेना 2026-27 को नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता का वर्ष घोषित कर रही है। हमने इंटर्नशिप शुरू कर दी है और 100 रिक्तियों के लिए हमें एक लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। आज हमने सेना के सभी कार्यशालाओं और कई मुख्यालयों को बच्चों के लिए खोल दिया है। क्योंकि आधे समय तो वे सरल समाधान लेकर आते हैं। हमें टैंक बनाम टैंक की लड़ाई नहीं चाहिए। मुझे लगता है कि आप ही हमारे लिए यह लड़ाई जीतेंगे।”
उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कैफे खोलने का प्लान
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने युवाओं के साथ हुई बातचीत में ‘आहिस्ता जिंदगी’ नाम से एक कैफे खोलने का अपना निजी सपना भी साझा किया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि उनका सपना एक ऐसा कैफे बनाना है जहां भागदौड़ भरी जिंदगी में मन को सुकून मिल सके। उन्होंने कहा कि इस कैफे, जिसे उन्होंने अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश में स्थापित करने की योजना बनाई है। जिसका उद्देश्य एक कप कॉफी पर अनगिनत संवाद के रास्ते खोलना और लोगों के लिए अधिक सार्थक जीवन प्राप्त करने की दिशा में परिकल्पित और आदान-प्रदान किए गए विचारों के एक केंद्र स्थल के रूप में स्थान हासिल करना होगा।
जनरल की युवाओं से अपील
सेना प्रमुख ने युवाओं से स्वस्थ रहने, कड़ी मेहनत करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ ही सोशल मीडिया पर ‘रील’ देखने के बजाय शारीरिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। जनरल द्विवेदी से उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा गया। इस पर सेना प्रमुख ने कहा, ”मुझे लगता है कि शायद कर्नल के पद पर ही मुझे यह एहसास हुआ कि अब उस समाज को कुछ लौटाने का समय आ गया है जिसने मुझे इतनी ऊंचाई तक पहुंचाया है। क्योंकि अब समय आ गया है कि मैं जो कुछ भी हासिल कर पाया हूं, उसके लिए धन्यवाद कहूं, आभार व्यक्त करूं।”
जनरल द्विवेदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके जैसे सैन्य अधिकारियों के लिए अब समय आ गया है कि वे सेवारत कर्मियों और नागरिक सदस्यों को मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वे अपने गृह राज्य में आदिवासी समुदाय के सदस्यों के गांवों से पलायन को रोकने में योगदान देने की योजना बना रहे हैं।
आर्मी चीफ की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को इस्लामाबाद को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता रहा और भारत के खिलाफ काम करता रहा, तो उसे यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास का। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
(भाषा के इनपुट के साथ)
