Indian Air Force Garud Commando Jyoti Prakash Nirala who shot 3 terrorist to get Ashoka Chakra posthumously - लश्कर चीफ के भतीजे समेत 3 आतंकियों को किया था ढेर, इस शहीद जांबाज को मिलेगा अशोक चक्र - Jansatta
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लश्कर चीफ के भतीजे समेत 3 आतंकियों को किया था ढेर, इस शहीद जांबाज को मिलेगा अशोक चक्र

अशोक चक्र शांति के समय दिया जाने वाला सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता, शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। इंडियन एयरफोर्स के किसी जवान को ग्राउंड ऑपरेशन के लिए दिया जाने वाला यह पहला अशोक चक्र सम्मान होगा, जो उन्हें मरणोपरांत दिया जाएगा।

इंडियन एयर फोर्स के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

इंडियन एयर फोर्स के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। बिहार के रोहतास जिले के बादलडीह के इस लाल ने पिछले साल नवंबर में जम्मू-कश्मीर के हाजिन इलाके में आतंकवादियों से अकेले मुठभेड़ की थी और शहीद होने से पहले तीन पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर कर दिया था। इसमें मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के चीफ जकिरउर्र रहमान लखवी का भतीजा भी शामिल था। उस समय सेना ने कुल छह आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। 19 नवंबर 2017 को उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा जिले के हाजिन इलाके के चंदरगीर गांव के एक घर में आतंकियों ने शरण ले रखा था। इसकी सूचना कमांडो ज्योति प्रकाश निराला को मिली थी। वो अपने साथियों के साथ वहां ऑपरेशन को अंजाम देने पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने अकेले तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। उनकी इस जांबाजी के लिए उन्हें वन मैन आर्मी कहा गया था।

बता दें कि अशोक चक्र शांति के समय दिया जाने वाला सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता, शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। इंडियन एयरफोर्स के किसी जवान को ग्राउंड ऑपरेशन के लिए दिया जाने वाला यह पहला अशोक चक्र सम्मान होगा, जो उन्हें मरणोपरांत दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक विजेताओं के नामों का आधिकारिक एलान नहीं किया गया है लेकिन टीओआई के मुताबिक ज्योति प्रकाश निराला का नाम विजेताओं की उस लिस्ट में शामिल है। निराला जिस वक्त शहीद हुए थे उनकी उम्र मात्र 31 साल थी। उनके परिवार में एक बेटी और पत्नी हैं। इनके अलावा 3 अविवाहित बहनें और मां-बाप हैं।

निराला से पहले पायलट फ्लाइंग अफसर निर्मलजीत सिंह सेखों को मरणोपरांत परमवीर चक्र सम्मान दिया जा चुका है। उन्होंने 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। इनके अलावा स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा को 1984 में अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। अशोक चक्र पाने वाले वो पहले एयरफोर्स कर्मी थे।

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