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छेड़ेंगे नहीं, पर छोड़ेंगे भी नहीं की नीति पर चलता है भारत: राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की सीमाओं की शांति भंग करने वालों को चेतावनी दी है कि हम ‘छेड़ेंगे नहीं, पर छोड़ेंगे भी नहीं’ की अपनी नीति पर कायम हैं और हम..

भोपाल | September 13, 2015 9:00 PM

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की सीमाओं की शांति भंग करने वालों को चेतावनी दी है कि हम ‘छेड़ेंगे नहीं, पर छोड़ेंगे भी नहीं’ की अपनी नीति पर कायम हैं और हम पाकिस्तान के साथ पाक अधिकृत कश्मीर पर तो बात करने को तैयार हैं, लेकिन कश्मीर पर कोई बात कतई नहीं होगी।

सिंह ने शनिवार रात यहां वाय एन सिंह स्मृति प्रतिष्ठान की पहली व्याख्यानमाला में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘भारत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ मित्रवत संबंध चाहता है और किसी को भी नहीं छेड़ने की अपनी नीति पर चलता है, लेकिन यदि कोई पहली गोली हम पर चलाएगा, तो फिर हम अपनी गोलियां गिनेंगे नहीं। छेड़ेंगे नहीं, पर छोड़ेंगे भी नहीं।’’

व्याख्यानमाला का विषय ‘राष्ट्रीय सुरक्षा: चुनौती और रणनीति’ था। दिवंगत वाय एन सिंह, मध्यप्रदेश सरकार के सहकारिता विभाग में कार्यरत थे और 54 साल की आयु में उनका निधन हो गया था। उन्होंने इफ्को और कृभको में उच्च प्रबंधकीय पदों पर भी काम करते हुए उर्वरक वितरण की उल्लेखनीय रणनीति अपनाकर देश का कृषि उत्पादन बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया था।

पाकिस्तान द्वारा लगातार कश्मीर का मुद्दा उठाने का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘पाक रेंजर्स के महानिदेशक और प्रतिनिधिमण्डल से हाल की मुलाकात में मैंने उनसे साफ तौर पर कह दिया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और आगे भी रहेगा और यदि आप हमसे बात करना चाहते हैं, तो केवल पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर बात करें।’’

उन्होंने कहा, ‘मैंने पाक रेंजर्स को समझाने का प्रयास किया कि आप लोग क्यों वर्दी (सैनिकों) पर गोली चलाते हो, फिर हम उसका जवाब देते हैं, क्यों न हम दोनों मिलकर आतंकवाद को खत्म करने के लिए आतंकवादियों पर गोली चलाएं।’’

इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नक्सली समस्या को आतंकवाद से भी बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए इसके पीछे एक अंतरराष्ट्रीय साजिश काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि समस्या से निपटने के लिए हमने कई नक्सल प्रभावित इलाकों … विषेशकर सरगुजा जिले में एजुकेशनल हब स्थापित किया है, जिससे काफी हद तक समस्या नियंत्रित हुई है।

छत्तीसगढ़ सरकार के प्रमुख सचिव अमन सिंह, जिनके पिता की स्मृति में इस प्रतिष्ठान ने अपने कार्यक्रमों की कड़ी में यह पहला व्याख्यान आयोजित किया था, ने वाय एन सिंह स्मृति प्रतिष्ठान के उद्देश्यों को इस अवसर पर विस्तार से बताया।

समारोह में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता टी एस सिंहदेव सहित बड़ी संख्या में दोनो राज्यों के वर्तमान एवं पूर्व आईएएस एवं आईपीएस अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

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