India-Russia Defence Deal: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक तरफ जहां फ्रांस से 114 राफेल (Rafale Aircraft Deal) विमानों की खरीद को स्वीकृति दी है तो दूसरी ओर एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defence System) को मजबूत करने के लिए रूस द्वारा निर्मित S-400 डिफेंस सिस्टम में प्रयोग की जाने वाली 288 मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी दिखा दी है। ये वही एस-400 मिसाइलें हैं, जिनका इस्तेमाल भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान पाकिस्तानी हमलों को रोकने और उसका मुहतोड़ जवाब देने के लिए किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रूस से 10,000 करोड़ रुपये की लागत से 288 एस-400 मिसाइलों (S-400 Missile) की खरीद के लिए आवश्यकता स्वीकृति (AON) प्रदान कर दी है।

मिसाइल भंडार को भरने की तैयारी

बता दें कि पिछले साल नवंबर में ही भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए मिसाइलों के भंडार की भरपाई करने का प्लान बना लिया था। इसके तहत लंबी दूरी और छोटी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों का स्टॉक बढ़ाने के लिए इन मिसाइलों को हासिल करने की तैयारी कर रही है।

पाकिस्तान के खिलाफ हुआ था मिसालइलों का इस्तेमाल

गौरतलब है कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान s-400 की कई मिसाइलें दागी गई थीं, जिससे मौजूदा भंडार कम हो गया था। इसी कमी को पूरा करने के लिए अब नई मिसाइलें खरीदी जा रही हैं। इस सौदे के तहत 120 छोटी दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें ली जाएंगी। इन्हें तेज प्रक्रिया से खरीदा जाएगा, ताकि यह प्रणाली जल्दी फिर से पूरी ताकत में आ सके।

भारत सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब रूस से इसी साल जून और नवंबर में एस-400 के दो बचे हुए बैच भारत को मिलने वाले हैं। ऑपरेशन सिंदूर में s400 की कामयाबी से भारतीय सेना की ताकत सभी ने देखी थी। अब सेना इसी प्रणाली के s-500 खरीदने की बात कर रही है। इसके साथ ही रूस से पैंटसर छोटी दूरी की रक्षा प्रणाली लेने पर भी विचार चल रहा है।

अगर ये सौदे पूरे हो जाते हैं, तो भविष्य में भारत के पास एस-चार सौ के कुल दस दस्ता हो जाएंगे। इससे देश की हवाई सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी और मानव रहित विमानों जैसे खतरों से भी बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा। भारत खरीदेगा 114 नए राफेल फाइटर जेट, राजनाथ सिंह नीत DAC ने दी प्रस्ताव को मंजूरी