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भारत पाकिस्तानी कलाकारों को वीजा देने की रफ्तार करेगा ‘धीमी’, कुलभूषण जाधव से मुलाकात की 13 अर्जियां ठुकरा चुका है पाक

सूत्रों के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले सभी पाकिस्तानियों को वीजा देने पर रोक लगाने पर विचार कर रहा था लेकिन बाद में ये तय किया गया कि पहले "चर्चित" नामों पर ये 'टेस्ट' करके देखा जाए।

Author April 14, 2017 11:16 AM
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव (File Photo)

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा फांसी की सजा दिए जाने के बाद भारत पड़ोसी देश के नागरिकों को भारत आने का वीजा देने में कड़ाई बरतने की रणनीति बना रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार  इसके तहत सबसे पहले पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और एक्टरों को वीजा देने की प्रक्रिया को “धीमा” किया जाएगा ताकि पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा सके। भारत लगातार कहता रहा है कि कुलभूषण जाधव जासूस नहीं हैं और पाकिस्तान ने उनका ईरान से अपहरण किया है।

सूत्रों के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले सभी पाकिस्तानियों को वीजा देने पर रोक लगाने पर विचार कर रहा था लेकिन बाद में ये तय किया गया कि पहले “चर्चित” नामों पर ये ‘टेस्ट’ करके देखा जाए। सूत्रों के अनुसार इस बारे में कोई मुखर आदेश नहीं दिया गया है लेकिन पाकिस्तान स्थिति भारतीय उच्चायोग को वीजा देने के मामले में “आराम से काम करो” का संकेत दे दिया गया है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों के भारत आने पर रोक का विचार पूरी तरह त्यागा नहीं है लेकिन इससे मरीजों और छात्रों के प्रभावित होने की वजह से ये फैसला लेना काफी मुश्किल होगा।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत सरकार कुलभूषण जाधव के मसले पर कूटनीतिक और गैर-कूटनीतिक सभी विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि पाकिस्तान को किनारे किया जा सके। एक अधिकारी ने कहा, “हम नरम और गरम दोनों विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।” भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया था कि कुलभूषण जाधव कहां हैं इसके बारे में भारत को कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान जाधव से संपर्क की भारतीय दूतावास की 13 अर्जियां ठुकरा चुका है। जाधव मार्च 2016 से ही पाकिस्तान की गिरफ्त में हैं।

भारत सरकार ने कहा है कि वो कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में वकील मुहैया कराएगी। भारत सरकार इस मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र से भारत को उस समय बड़ा झटका लगा जब यूएन के महासचिव के प्रवक्ता ने कह दिया कि यूएन इस स्थिति में नहीं है कि इस मामले पर टिप्पणी कर सके और इसे भारत और पाकिस्तान को आपसी सहयोग और बातचीत से सुलझाना चाहिए।

भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक वीजा के मसले पर भी पिछले छह महीने से रार ठनी हुई है। पिछले साल दोनों देशों ने एक दूसरे के कूटनीतिक वीजा रद्द कर दिए थे। उसके बाद से कम से कम 10 कूटनीतिक वीजा अंतिम मंजूरी के लिए पड़े हुए हैं।  जाधव को फांसी की सजा दिए जाने के बाद से हालात और बिगड़े हैं। भारत और पाकिस्तान दूतावास के अधिकारी तीन महीने पहले मिले थे तो कुछ कूटनीतिक वीजा को अनुमति मिली थी। कम स्टाफ होने के वजह से दोनों देशों के दूतावास के मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है।

वीडियो: कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मौत की सजा मिलने पर भारत का कड़ा रुख; रोकी पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई

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