भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत बनने के एक दिन बाद भारत अब अमेरिका के साथ एफटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। बता दें कि यूरोपीय यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला ने भारत के साथ ट्रेड को मदर ऑफ आल डील्स नाम दिया था।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए पर बातचीत जारी रहने के साथ-साथ भारत-अमेरिकी ट्रेड डील मुद्दे पर भी अहम प्रगति हासिल हुई है।
किसी भी समय हो सकती है डील
सूत्रों ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को किसी भी समय अंतिम रूप दिया जा सकता है। दोनों पक्षों के लिए केवल औपचारिकताओं को अंतिम रूप देना बाकी है। समझौते को लेकर हुई बातचीत और हालिया दौर में इसमें मजबूती देखने को मिली है।
ट्रंप ने दिए थे संकेत
21 जनवरी को दावोस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर भरोसा व्यक्त करते हुए कहा था कि दोनों देशों के बीच एक अच्छा समझौता होने वाला है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक करीबी दोस्त और सम्मानित नेता के रूप में प्रशंसा की थी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी की।
मीडिया द्वारा पूछे जाने पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में पूछे जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं आपके प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करता हूं। वह एक शानदार व्यक्ति और मेरे दोस्त हैं और हम एक अच्छा समझौता करने जा रहे हैं।”
भारत ने भी कही थी करीब होने की बात
इससे पहले भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पहले दौर पर बातचीत के बेहद करीब हैं, हालांकि उन्होंने कई समयसीमा नहीं बताई।
दोनों देशों के नेतृत्व के निर्देशों के बाद फरवरी में औपचारिक रूप से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते बीटीए का उद्देश्य व्यापार को वर्तमान 191 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक दो गुने से अधिक 500 बिलियन डॉलर करना।
9 जनवरी को विदेश मंत्रालय ने कहा था,”भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी 2025 से ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। तब से दोनों पक्ष एक लाभकारी ट्रेड डील पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत कर रहे हैं।”
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने ईयू-इंडिया डील पर कही थी ये बात
इस बीच, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने मंगलवार को भारत-ईयू ट्रेड डील की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस डील में भारत को सर्वोच्च लाभ मिला है। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, “ईयू भारत में जगह बनाने की कोशिश कर रहा है। व्यापार के मामले में ईयू इतना निर्भर है कि अगर वह अपना सारा सामान अमेरिका नहीं भेज सकता, तो दूसरे विकल्प तलाशने होंगे। मैंने अब तक हुए समझौते के कुछ विवरण देखे हैं। सच कहूं तो मुझे लगता है कि इस मामले में भारत को ही फायदा होगा।” आगे पढ़िए US-India Trade Deal: ये तीन बन रहे भारत के साथ व्यापार समझौते में रुकावट, अमेरिकी सीनेटर का खुलासा
