भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने स्वदेशी हथियारों के जरिए पाकिस्तान को बुरी तरह हराकर दुनिया को लोहा मानने पर मजबूर कर दिया है। इस लड़ाई के दौरान भारत ने अपने खतरनाक मिसाइल ब्रह्मोस का भी इस्तेमाल किया था। अब इस मिसाइल को लेकर भारत ने वियतनाम से एक डील की है।

भारत इस डील के तहत उसे अपना खतरनाक मिसाइल ब्रह्मोस बेचेगा। इस डील के बारे में बात करते हुए भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को एशिया के प्रमुख रक्षा मंच शांगरी ला डायलॉग में कहा भारत ने वियतनाम के साथ एक डील साइन की है। इसके तहत वह उसे ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति करेगा।

इंडोनेशिया से भी हो रही बात

आगे उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर इंडोनेशिया के साथ भी बातचीत चल रही है और यह वार्ता अपने अंतिम चरण में है। इसी साल मार्च महीने में इंडोनेशिया के साथ भारत ने एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। रक्षा सचिव ने कहा कि भारत आसियान देशों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता रखता है। हालांकि उन्होंने इस डील के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी।

60 अरब रुपये में की गई है डील

रायटर्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि वियतनाम के साथ यह समझौता ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सहायता समेत करीब 60 अरब रुपये यानी 629 मिलियन डॉलर का हो सकता है।

हालांकि भारत मेक इन इंडिया के तहत पहले ही फिलीपींस को अपना यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बेच चुका है।

कितनी खतरनाक है बह्मोस मिसाइल?

ब्रह्मोस मिसाइल करीब मैक 2.8-3 की गति से (ध्वनि की गति) उड़ता है और अपने लक्ष्य को भेदता है। इसे आसान भाषा में कहें तो यह ध्वनि की गति से तीन गुना तेज चलती है। दुनिया भर की कई क्रूज मिसाइलें सबसोनिक हैं, लेकिन ब्रह्मोस सुपरसोनिक है। यही इसे अन्य मिसाइलों से खास बनाती है। भारत ने इसे रूस के साथ मिलकर बनाया है।

नेवी के लिए खासकर बेहद खतरनाक मानी जाती है, एक बार इसे लांच कर दिया तो दुश्मन को पलक झपकने का मौका तक नहीं मिलता और वह नष्ट हो जाता है। ब्रह्मोस को कई मल्टी प्लेटफॉर्म से लांच किया जा सकता है, इसे ट्रक, युद्धपोत, पनडुब्बी और फाइटर जेट से लान्च किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: ‘ब्रह्मोस और सुनामी से जवाब देगा भारत’, बिलावल भुट्टो की धमकी पर मिथुन चक्रवर्ती का पलटवार

अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता मिथुन चक्रवर्ती ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी की सिंधु जल संधि पर टिप्पणी पर मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मिथुन ने चेतावनी दी कि भारत ब्रह्मोस मिसाइलों और सुनामी से जवाब देगा। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत के फैसले को सिंधु घाटी सभ्यता और संस्कृति पर हमला बताया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें