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भारत ने किया धनुष बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, 350 किमी है मारक क्षमता

इस मिसाइल की मारक क्षमता 350 किलोमीटर है। अधिकारियों ने बताया कि सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल का परीक्षण सुबह करीब 10:52 बजे बंगाल की खाड़ी में पारादीप के पास तैनात पोत से किया गया।

Author बालेश्वर | February 23, 2018 6:15 PM
Dhanush Ballistic Missile, Dhanush Ballistic Missile in india, Odisha Coast, Nuclear Capable Dhanush, Ballistic Missile, Ballistic Missile in india, Indnia Successfully Test, Test Fired Nuclear, Dhanush Ballistic Missile test, National newsधनुष मिसाइल 500 किलोग्राम पेलोड साथ लेकर जाने और जमीन एवं समुद्र में अपने लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। (Photo: DRDO)

भारत ने शुक्रवार को ओड़िशा तट के पास एक नौसैनिक पोत से परमाणु क्षमता युक्त धनुष बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 350 किलोमीटर है। अधिकारियों ने बताया कि सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल का परीक्षण सुबह करीब 10:52 बजे बंगाल की खाड़ी में पारादीप के पास तैनात पोत से किया गया। सूत्रों ने बताया कि धनुष मिसाइल 500 किलोग्राम पेलोड साथ लेकर जाने और जमीन एवं समुद्र में अपने लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। रक्षा बलों के सामरिक बल कमान (एसएफसी) ने इसके परीक्षण को अंजाम दिया। एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना की एसएफसी की ओर से प्रशिक्षण अभ्यास के तहत मिसाइल प्रक्षेपण किया गया।

मिसाइल परीक्षण को पूरी तरह सफल करार देते हुए अधिकारियों ने कहा कि परीक्षण के दौरान मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हुए। उन्होंने कहा कि मिसाइल परीक्षण एवं इसकी उड़ान के प्रदर्शन की निगरानी ओड़िशा तट में रेडार सुविधाओं और डीआरडीओ की टेलीमेट्री (दूरमापी) से की गई। एक चरण वाला और द्रव्य से प्रणोदित धनुष को रक्षा सेवाओं में पहले ही शामिल किया जा चुका है। यह एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित पांच मिसाइलों में से एक है। सूत्रों ने बताया कि पिछला सफल परीक्षण नौ अप्रैल 2015 को हुआ था।

उल्लेखनीय है कि भारत ने इससे पहले बुधवार को देश में निर्मित एवं परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम तथा 350 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली पृथ्वी-2 मिसाइल का ओडिशा के एक परीक्षण केंद्र से सफल रात्रि परीक्षण किया था। रक्षा सूत्रों ने बताया था कि सेना द्वारा प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल को रात करीब साढ़े आठ बजे चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के प्रक्षेपण परिसर-3 से दागा गया।
इस सटीक परीक्षण से पहले 18 जनवरी को अग्नि-5, छह फरवरी को अग्नि-1 और कल अग्नि-2 का ओडिशा अपतटीय क्षेत्र स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण किया गया था।

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