इमरान खान ने छेड़ा कश्मीर राग, UNGA में भारत का कड़ा जवाब- ओसामा को दी पनाह, PAK आग से लड़ने वाले के भेष में आग लगाने वाला मुल्क

देश के बयान के अनुसार, “पाकिस्तान के लिए बहुलवाद को समझना बहुत मुश्किल है जो अपने अल्पसंख्यकों को सरकार में उच्च पदों की आकांक्षा रखने से रोकता है। समूचे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख, भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और रहेंगे।”

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स्नेहा दुबे के अलावा विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शनिवार को कहा कि अपने आप को सूत्रधार के रूप में पेश करने वाला पाकिस्तान कई मायनों में कुछ समस्याएं खड़ी करने वाला देश रहा है, जिनसे भारत अपने पड़ोस में निपट रहा है। (फोटोः एजेंसी)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के जम्मू और कश्मीर वाले राग पर भारत ने अंतराष्ट्रीय मंच पर उन्हें कड़ा जवाब दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में देश की ओर से फर्स्ट सेक्रेट्री स्नेहा दुबे ने शुक्रवार (25 सितंबर, 2021) को बड़ी ही बेबाकी से पाक पीएम के झूठ को बेनकाब कर दिया। वहां अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान ही वह मुल्क है, जिसने कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन को पनाह दी थी। पाकिस्तान आग से लड़ने वाले के भेष में आग लगाने वाला मुल्क है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के संबोधन पर जवाब देने के अधिकार में कहा, “विश्व भर में माना जाता है कि पाकिस्तान आतंकवादियों का खुले तौर पर समर्थन करता है और उन्हें हथियार मुहैया करवाता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित सर्वाधिक आतंकवादियों को रखने का घटिया रिकॉर्ड पाकिस्तान के पास है।”

भारत की ओर से आगे कहा गया- ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में पनाह मिली। आज भी पाकिस्तानी नेतृत्व उसे ‘शहीद’ कहकर महिमामंडित करता है। पाकिस्तान आतंकवादियों को इस उम्मीद में पालता है कि वे केवल उसके पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाएंगे। हम सुनते आ रहे हैं कि पाकिस्तान ‘‘आतंकवाद का शिकार’’ है। लेकिन यह आग से लड़ने वाले के भेष में आग लगाने वाला देश है।

देश के बयान के अनुसार, “पाकिस्तान के लिए बहुलवाद को समझना बहुत मुश्किल है जो अपने अल्पसंख्यकों को सरकार में उच्च पदों की आकांक्षा रखने से रोकता है। समूचे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख, भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और रहेंगे।”

युवा भारतीय राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में एक बार फिर कश्मीर का राग अलापने पर पाकिस्तान की निंदा करते हुए कहा, ‘‘इस तरह के बयान देने वालों और झूठ बोलने वालों की सामूहिक तौर पर निंदा की जानी चाहिए। लगातार झूठ बोलने वाले और ऐसी सोच वाले लोग दया के पात्र हैं। मैं इस मंच से स्पष्ट बात रख रही हूं।’’

क्या है पूरा मामला?: दरअसल, खान ने महासभा में पाक को अमेरिकी कृतघ्नता का और अंतरराष्ट्रीय दोहरेपन का पीड़ित दिखाने की कोशिश की थी। पाक पीएम का पूर्व रिकॉर्डेड भाषण शुक्रवार शाम प्रसारित हुआ था, जिसमें उन्होंने जलवायु परिवर्तन, वैश्विक इस्लामोफोबिया और “भ्रष्ट विशिष्ट वर्गों द्वारा विकासशील देशों की लूट” जैसे कई विषयों पर बात की थी। अपनी अंतिम बात को उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत के साथ किए गए बर्ताव से जोड़ कर समझाने की कोशिश की।

खान ने भारत सरकार के लिए कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को ‘हिंदू राष्ट्रवादी सरकार’ और “फासीवादी” बताया। खान ने अमेरिका को लेकर गुस्सा और दुख जाहिर किया और उस पर पाकिस्तान व अफगानिस्तान दोनों का साथ छोड़ देने का आरोप लगाया।

वह आगे बोले, “नई दिल्ली ने जम्मू-कश्मीर विवाद के अंतिम समाधान के लिए इसे शुरू कर दिया है।” उनका यह बयान 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के भारत सरकार के फैसले के संदर्भ में था। बता दें कि खान ने अपने संबोधन में पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के भारत सरकार के फैसले और पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बारे में बात की थी।

नए अफगानिस्तान पर भी बोले PAK पीएम: खान ने कहा है कि युद्धग्रस्त देश में 20 साल के सैन्य हस्तक्षेप के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगान लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से खुद को “मुक्त” नहीं कर सकता है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने अमेरिका स्थित ‘न्यूजवीक’ पत्रिका के लिए पीएम के इंटरव्यू के हवाले से बताया कि खान ने कहा कि दशकों के युद्ध का अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था, समाज और राजनीति पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है।

हालांकि, खान ने चेतावनी दी कि अगर अफगानिस्तान के साथ और वैश्विक व क्षेत्रीय शक्तियों के बीच प्रतिद्वंद्विता बनी रहती है, तो इससे अफगानिस्तान को और अधिक पीड़ा और संघर्ष देखना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “इससे नए शरणार्थी बनेंगे, अफगानिस्तान से आतंकवाद का खतरा बढ़ेगा जो समूचे क्षेत्र को अस्थिर बनाएगा।” खान ने कहा कि पाकिस्तान नहीं चाहेगा कि अफगानिस्तान में और संघर्ष व अशांति हो।

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