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मिसाइल के मामले में भारत के आगे बौना है पाकिस्तान, जानिए कितना कमजोर है दुश्मन

पाकिस्तान ने जिस मिसाइल का परीक्षण किया है भारत के पास ऐसी चार मिसाइलें पहले से ही मौजूद हैं। इनमें पृथ्वी-2, पृथ्वी-3, छोटी दूरी की क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और धनुष शामिल है।

छोटी दूरी की क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस

पाकिस्तान ने गुरुवार को बैलिस्टिक मिसाइल ‘गजनवी’ का सफल परीक्षण किया है। सतह से सतह पर मार करने वाली यह मिसाइल 290 किलोमीटर की दूरी तक अनेक पेलोड ले जाने में सक्षम है। पाकिस्तान ने यह परीक्षण ऐसे समय में किया है जब जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद उसकी भारत के साथ तनातनी चल रही है। भारत ने आर्टिकल 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म कर दिया है। मिसाइल परीक्षण से पहले पाकिस्तान भारत के खिलाफ युद्ध की धमकी दे चुका है। हालांकि भारत की मिसाइल क्षमता के आगे पाकिस्तान बिल्कुल बोना है।

पाकिस्तान ने जिस मिसाइल का परीक्षण किया है भारत के पास ऐसी चार मिसाइलें पहले से ही मौजूद हैं। इनमें पृथ्वी-2, पृथ्वी-3, छोटी दूरी की क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और धनुष शामिल है। अगर पाकिस्तान की शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल्‍स (SRBM) की इन मिसाइलों से तुलना करें तो पाकिस्तान युद्ध की स्थिति में घुटने टेकने पर मजूबर हो सकता है। पृथ्‍वी-2 मिसाइल जमीन से जमीन पर मार करने वाली इस मिसाइल की रेंज 350 किलोमीटर है और यह 500 से 1000 किलो वजन के परमाणु हथियारों से टारगेट को ध्‍वस्‍त कर सकती है।

वहीं पृथ्वी-3 300 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है और यह परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। इसे किसी जहाज या पनडुब्बी से भी दागा जा सकता है। वहीं ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की मारक क्षमता 290 से 500 किलोमीटर है। यह 300 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल को पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों या भूमि से प्रक्षेपित किया जा सकता है।

वहीं बात करें धनुष मिसाइल की तो इसकी मारक क्षमता 350 किलोमीटर है। धनुष 500 से 1000 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम है। वहीं इनकी तुलना में पाकिस्तान के पास गजनवी, हत्फ-1, हत्फ-1ए, हत्फ-1बी है। हत्फ-1 की रेंज 70 किमी तो पेलोड क्षमता 500 किलोग्राम है। हत्फ-1ए की रेंज 100 किमी और पेलोड क्षमता 500 किलोग्राम है। वहीं बात करें हत्फ-1बी की तो इसकी रेंज 100 किमी और पेलोड क्षमता 500 किलोग्राम है।

बता दें कि पाकिस्तान ने मई के शुरू में सतह से सतह पर मार करने वाली ‘शाहीन-2’ बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशिक्षण परीक्षण किया था। जनवरी में उसने ‘नस्र’ नाम की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। बहरहाल युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान किसी भी सूरत में भारत के आगे पस्त नजर आएगा।

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