PoK News: भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में चल रही चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह से ‘ढकोसला’ रार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान इस तथाकथित चुनावी नाटक के ज़रिए अपने अवैध कब्ज़े और क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

विदेश मंत्रालय ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारत के रुख को दोहराते हुए कहा कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं।

विरोध प्रदर्शनों का किया विरोध

रणधीर जायसवाल ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा कराया जा रहा यह चुनाव सिर्फ एक दिखावा है, जिससे वहां के ज़मीनी हालात और अवैध कब्ज़े की सच्चाई को बदला नहीं जा सकता। विदेश मंत्रालय ने पीओके में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया।

रणधीर जायसवाल ने बताया कि वहां के लोग आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और खराब प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन वहां की जनता में शासन और बदहाल आर्थिक स्थिति को लेकर गहरे असंतोष को दर्शाता है।

धांधली के आरोपों के बीच 52 दिनों से जारी है प्रदर्शन

पीओके में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में पिछले 52 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली, राजनीतिक हस्तक्षेप और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के गंभीर आरोप लगाए हैं। जनता गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने और अपनी अन्य बुनियादी मांगों की स्वीकृति की मांग कर रही है।

पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत

सोमवार को अधिकारियों और जेएएसी के बीच बातचीत विफल होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने रावलकोट से मुज़फ्फराबाद तक मार्च करने की चेतावनी दी थी। जब मांगे पूरी नहीं हुईं, तो हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और करीब दो दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

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