भारत ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “हेलहोल” वाली टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने इसे “अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और घटिया” बताया। मंत्रालय की यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा भारत और चीन को निशाना बनाने वाली आप्रवासन विरोधी पोस्ट को दोबारा साझा करने के बाद आई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने ये टिप्पणियां और साथ ही अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किया गया जवाबी बयान भी देखा है। ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और घटिया हैं। ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शाती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं।” इससे पहले अपनी साप्ताहिक प्रेसवार्ता में जायसवाल ने इस बारे में पूछे जाने पर सिर्फ़ इतना कहा था कि ‘हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं…बस इतना ही कहना चाहूँगा.’
भारत की तरफ से यह प्रतिक्रिया तब आई जब ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट को दोबारा साझा किया। जिसमें भारत को “नरक का गड्ढा” बताया गया था। इसके बाद, नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने ट्रंप के एक पूर्व बयान को प्रमुखता से उठाया। जिसमें उन्होंने भारत को “महान देश” बताया था, जो कि ट्रंप द्वारा ताजा किए गए पोस्ट को मैनेज करने रूप में प्रतीत होता है।
यह मामला तब सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक ट्रांस्सक्रिप्ट पोस्ट की, जो एक कंजरवेटिव टॉक शो होस्ट माइकल सैवेज के कार्यक्रम से ली गई थी।
शेयर की गई पोस्ट में क्या?
अमेरिका में जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता इन दिनों बहस का एक मुद्दा है। ट्रंप ने जो पोस्ट शेयर की है, उसमें माइकल सैवेज ने लिखा है, “आज की छोटी-छोटी चर्चा उन दलीलों के बारे में होगी जो मैंने अभी सुप्रीम कोर्ट में बर्थराइट सिटिजनशिप के बारे में सुनीं। दलीलें सुनकर मुझे थोड़ा गुस्सा आया क्योंकि जो कुछ भी कहा गया वह कानूनी बातें थीं।”
उनका कहना है, “अमेरिकी संविधान हवाई यात्रा शुरू होने से पहले लिखा गया था. कहने की ज़रूरत नहीं, टेलीविजन से पहले, इंटरनेट से पहले और रेडियो से पहले।”
पोस्ट में शेयर किए गए टेक्स्ट में लिखा है कि ‘प्रवासियों की वजह से अमेरिका के लोगों को नौकरी पाने में मुश्किलें आती हैं। उनका मानना है कि प्रवासी लोग अमेरिकियों का अधिकार छीन रहे हैं। यह देखने के लिए आपको ज़्यादा दूर जाने की ज़रूरत नहीं है। यहां अब इंग्लिश नहीं बोली जाती। आज आने वाले इमिग्रेंट क्लास में इस देश के लिए लगभग कोई वफादारी नहीं है, जो पहले भी कभी नहीं थी।
इस शो में सैवेज अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर बात कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग गर्भावस्था के आखिरी दौर में अमेरिका चले आते हैं, ताकि उनके बच्चे को अपने आप अमेरिका की नागरिकता मिल जाए। उन्होंने कहा कि बाद में ये लोग अपने परिवार के सदस्यों को भारत, चीन और दुनिया के कुछ अन्य हेलहोल देशों से बुलाते हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इमिग्रेशन के ट्रेंड्स अमेरिकी समाज को बदल रहे हैं और अमेरिकी संविधान की आलोचना करते हुए कहा कि यह आज के समय, जैसे हवाई यात्रा और इंटरनेट, के लिए उपयुक्त नहीं है।
ट्रंप की टिप्पणी से विपक्षी दल नाराज
ट्रंप ने इस पोस्ट के बाद भारत में विपक्ष की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को ‘नरक’ कहा है। यह बयान बेहद अपमानजनक और भारत-विरोधी है। इससे हर भारतीय को ठेस पहुँची है।”
कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति से बात करनी चाहिए और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए। कांग्रेस ने कहा, “हालांकि मोदी के अब तक के रिकॉर्ड को देखते हुए यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि मोदी ट्रंप के सामने कुछ भी कह पाएंगे। ट्रंप लगातार भारत के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते रहते हैं, और मोदी चुपचाप सुनते रहते हैं। नरेंद्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं, और पूरा देश इसका खामियाज़ा भुगत रहा है।”
ट्रंप के इस पोस्ट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, “मोदी जी के प्यारे दोस्त, ‘नमस्ते ट्रंप’ ने एक नोट शेयर किया है, जिसमें भारत को गालियां दी गई हैं और एक बेहद अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया गया है। मोदी जी इन बेतुकी बातों पर पूरी तरह से चुप हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ‘मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा।’ मोदी जी आप किस बात से डर रहे हैं? अमेरिका की सफलता में भारतीयों ने अहम भूमिका निभाई है।अमेरिकी सरकार के शीर्ष स्तर पर इस मुद्दे को उठाने से हमें क्या रोक रहा है?”
‘हॉर्मुज जलमार्ग में खदानें बिछाने वाली नावों को नष्ट करो’, ट्रंप का अमेरिकी नौसेना को खुला आदेश
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि हॉर्मुज जलमार्ग में बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिश करने वाली किसी भी नाव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी नावों को “बिना किसी हिचकिचाहट के मार गिराया जाए।” पढ़ें पूरी खबर।
