अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार बढ़ रही जंग को देखते हुए भारत ने मिडिल ईस्ट में फंसे अपने लोगों की मदद के लिए बुधवार को नई दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। ये जंग पांचवे दिन में पहुंच गई है और अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं और उनकी सुरक्षा व कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया, “पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस पर सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक संपर्क किया जा सकता है।”

मंत्रालय ने कहा है कि नई दिल्ली हालात पर लगातार नजर रख रही है और राष्ट्रीय हित में जरूरी निर्णय लेगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह क्षेत्र की सरकारों और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के संपर्क में है। युद्ध के बीच ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने सैकड़ों भारतीय छात्रों को तेहरान से सुरक्षित जगहों पर भेजा है।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले

अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे जिसमें अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल के साथ ही कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब शामिल हैं।

ईरान-इजरायल युद्ध से तेल की कीमतों में उछाल

ईरान-इजराइल युद्ध की वजह से तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया है। भारत पर इसका क्या असर होगा? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।