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खालिदा जिया के पक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने दिल्ली आए थे ब्रिटिश सांसद, भारत ने एयरपोर्ट से ही लौटाया

ब्रिटिश वकील ने बताया कि इससे पहले उन्हें बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार ने एंट्री देने से मना कर दिया था। ऐसे में भारत आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के सामने जिया का पक्ष रखना चाहते थे और जिया के सामने आ रही दिक्कतों के बारे में बताना चाहते थे।

Author July 12, 2018 10:17 AM
कर्लाइल को इससे पहले बांग्लादेश में एंट्री देने से मना कर दिया गया था। (फोटोः FB/beta.parliament.uk)

भारत ने ब्रिटेन के सांसद और नामी वकील लॉर्ड एलेक्जेंडर कर्लाइल को एयरपोर्ट पर से ही लौटा दिया। कर्लाइल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के फॉरेन लीगल कंसल्टेंट (विदेशी कानूनी सलाहकार) हैं और वह यहां जिया के पक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे। भारत सरकार की ओर से बताया गया कि कर्लाइल सही भारतीय वीजा पाए बगैर ही बुधवार (11 जुलाई) को लंदन से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे थे। वीजा में उनकी इच्छित गतिविधि दी गई जानकारी के अनुकूल नहीं भरी गई थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के मुताबिक, कर्लाइल का उद्देश्य वीजा आवेदन में स्पष्ट नहीं था, लिहाजा उन्हें देश पहुंचने के बाद प्रवेश न दिया गया। ‘ढाका ट्रिब्यून’ को ब्रिटिश वकील ने बताया कि इससे पहले उन्हें बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार ने एंट्री देने से मना कर दिया था। ऐसे में भारत आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के सामने जिया का पक्ष रखना चाहते थे और जिया के सामने आ रही दिक्कतों के बारे में बताना चाहते थे।

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प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार कर्लाइल को बीएएनपी के वरिष्ठ सदस्यों और जिया की लीगल टीम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी। फॉरेन कॉरस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया में यह कॉन्फ्रेंस आयोजित होनी थी। वह इसमें अपनी क्लाइंट जिया की जेल की सजा पर चीजें स्पष्ट करते।

क्या है पूरा मामला?: बांग्लादेश के स्पेशल कोर्ट ने इसी साल फरवरी में अनाथालय ट्रस्ट के भ्रष्टाचार संबंधी मामले में पूर्व बांग्लादेशी पीएम को दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने उन्हें पांच साल की सजा सुनाई थी और जिया के चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी थी। फिलहाल 72 वर्षीय जिया जेल में बंद हैं। ऐसे में बीएनपी की लीगल टीम ने बीते मार्च में कर्लाइल को कानूनी मदद के लिए नियुक्त किया था। बीएनपी इस पर बोली कि जिया और उनके परिवार के खिलाफ यह महज षडयंत्र है। लोग उन्हें राजनीति से बाहर निकालना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्हें जेल में बंद किया गया था।

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