ताज़ा खबर
 

US, जापान के विदेश मंत्रियों से बोलीं सुषमा- नॉर्थ कोरिया, पाक के बीच परमाणु संबंधों की हो जांच

सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और उनके जापानी समकक्ष तारो कोनो के साथ त्रिपक्षीय बैठक की।

विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और उनके जापानी समकक्ष तारो कोनो के साथ भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज। (Photo Source: AP)

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु प्रसार संबंधी गतिविधियों की जांच की जानी चाहिए और इसके लिए जो जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का यह बयान उत्तर कोरिया द्वारा शुक्रवार को जापान के ऊपर से मध्यम दूरी की एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के कुछ दिन बाद आया है। इससे पहले तीन सितंबर को उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध और अन्य अंतरराष्ट्रीय नियमों को दरकिनार करते हुए अपने 6वां परमाणु परीक्षण किया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उत्तर कोरिया की हालिया कार्रवाई की निंदा की और कहा कि उसकी प्रसार संबंधी गतिविधयों का पता लगाया जाना चाहिए और इसके लिए जो जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’

सुषमा ने यह बयान सोमवार को अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और उनके जापानी समकक्ष तारो कोनो के साथ त्रिपक्षीय बैठक के दौरान दिया। उनके बीच यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर हुई। कुमार ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीधे तौर पर किसी देश का उल्लेख नहीं किया लेकिन कहा कि उनके संकेत यह बताने को पर्याप्त हैं कि वह किसका जिक्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैं आपको पर्याप्त सामग्री दे रहा हूं ताकि यह पता लगा सकें कि मैं किसकी बात कर रहा हूं।’

साथ ही कुमार ने कहा, ‘हमने बहुत स्पष्ट तौर पर यह कहा है कि हम केवल उत्तर कोरिया के हालिया कदमों की निंदा नहीं कर रहे, बल्कि यह भी कहा है कि प्रसार संबंधी गतिविधयों का पता लगाया जाना चाहिए और इसके लिए जो जिम्मेदार हैं, उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।’ इसके अलावा तीनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा एवं कनेक्टिविटी के मुद्दे पर भी चर्चा की। तीनों देशों के बीच पहली त्रिपक्षीय मंत्री स्तरीय बैठक वर्ष 2015 में हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर बैठक 2011 से हो रही है। बता दें, पिछले सप्ताह भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि परमाणु प्रसार संबंधों में सक्रिय तौर पर ‘पाकिस्तान की दखल’ दिख रही है। इसका विस्तार शांति के लिए खतरा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App