ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों की लगातार मौत और हमलों की घटनाओं ने भारत सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में दो तेल टैंकरों पर हुए हमलों में एक और भारतीय नाविक की जान जाने के बाद केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं।

अब फारस की खाड़ी, होर्मुज जलमार्ग और ओमान की खाड़ी में चलने वाले हर जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। साथ ही किसी भारतीय नाविक के घायल होने या मौत की स्थिति में उसके परिवार के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो हर तरह की सहायता उपलब्ध कराएगा।

इन फैसलों पर मंगलवार को केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुहर लगी। बैठक में विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) और ईरान व ओमान में भारतीय दूतावासों के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में शुरू हुए संकट के बाद अब तक 9 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, एक नाविक लापता है जिसे मृत माना जा रहा है, जबकि 7 अन्य घायल हुए हैं। इस दौरान भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर 29 हमले हुए हैं। इनमें चार भारतीय झंडे वाले जहाज थे, जबकि बाकी विदेशी झंडे वाले जहाज थे, जिन पर भारतीय चालक दल तैनात था।

सरकार ने फैसला किया है कि एक विशेष ऑपरेशनल डैशबोर्ड बनाया जाएगा। इसके जरिए हर जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों की पूरी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध रहेगी। इसमें जहाज की वर्तमान स्थिति, मालिक, माल, चालक दल की संख्या, सुरक्षा की स्थिति, अगले बंदरगाह की जानकारी, भोजन, ईंधन, दवाइयों और संचार जैसी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जाएगी।

इसके अलावा किसी भारतीय नाविक के घायल होने या मौत की स्थिति में एक लायजन अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यही अधिकारी परिवार और सरकार के बीच संपर्क का एकमात्र माध्यम होगा। वह इलाज, यात्रा दस्तावेज, भारत वापसी, पार्थिव शरीर लाने, बकाया वेतन, बीमा और मुआवजे जैसी सभी प्रक्रियाओं में परिवार की मदद करेगा।

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि खतरनाक समुद्री क्षेत्रों से किसी जहाज को तभी गुजरने दिया जाए, जब सुरक्षा का नया आकलन किया जा चुका हो और जहाज के कप्तान तथा संबंधित समुद्री अधिकारियों की मंजूरी मिल जाए।

सोनोवाल ने जहाज मालिकों, प्रबंधन कंपनियों और भारतीय नाविकों की भर्ती करने वाली एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी भारतीय नाविक को बिना पूरी सुरक्षा, जानकारी और आवश्यक सुविधाओं के जोखिम वाले समुद्री क्षेत्र में काम करने के लिए मजबूर न किया जाए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) समेत सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है। उन्होंने मालवाहक जहाजों पर हो रहे हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि सरकार हर भारतीय नाविक और उसके परिवार की सुरक्षा तथा सहायता के लिए हरसंभव कदम उठाती रहेगी।

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पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इन सब के बीच, सोमवार को तेहरान में रूस का एक खास मिलिट्री एयरक्राफ्ट उतरा। यह कोई आम विमान नहीं है। इसे युद्ध या बड़े संकट के समय देश की कमान संभालने के लिए बनाया गया है। फ्लाइटरडार 24 के डेटा के मुताबिक, RSD420 कॉलसाइन वाला TU-214PU एयरक्राफ्ट (रजिस्ट्रेशन नंबर RA-64531) मॉस्को से उड़ा और 13 जुलाई को सुबह करीब 10:10 बजे तेहरान में उतरा। इसे कई बार ‘डूम्सडे प्लेन’ यानी प्रलय का विमान भी कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक