भारत ने जेफरी एपस्टीन से संबंधित जांच फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को कहा, ”हमने तथाकथित एपस्टीन फाइल्स में मौजूद एक ईमेल संदेश से जुड़ी रिपोर्ट देखी हैं, जिनमें प्रधानमंत्री और उनके इजरायल दौरे का जिक्र किया गया है।”
जायसवाल ने कहा, ”प्रधानमंत्री की जुलाई 2017 में इजरायल की आधिकारिक यात्रा के तथ्य को छोड़कर, ईमेल में बाकी सभी संदर्भ एक दोषी अपराधी की घटिया बकवास से ज्यादा कुछ नहीं हैं जिन्हें पूरी तरह से तिरस्कार के साथ खारिज कर दिया जाना चाहिए।”
एपस्टीन फाइल्स में सामने आया किन दिग्गजों के नाम
यह ई-मेल उन फाइल्स का हिस्सा है जिन्हें अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को सार्वजनिक किया था। यह जानकारी उस कानून के तहत सार्वजनिक की गई है जिसका मकसद यह बताना है कि सरकार को एपस्टीन द्वारा नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और अमीर व प्रभावशाली लोगों से उसके संबंधों के बारे में क्या जानकारी थी।
अमेरिका के उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया कि इस नए खुलासे में 30 लाख से ज्यादा दस्तावेजों के पन्ने, 2,000 से अधिक वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें जारी की गई हैं।
इन फाइल्स को एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी किया गया है। इसके तहत एपस्टीन और लंबे वक्त तक उसकी सहयोगी रही घिसलेन मैक्सवेल से जुड़े रिकॉर्ड्स को जारी करना जरूरी था।
जेल में हुई थी एपस्टीन की मौत
एपस्टीन की 2019 में जेल में ही मौत हो गई। उस दौरान वह यौन तस्करी के आरोपों में जेल में बंद था जबकि मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की जेल की सजा काट रही है।
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