पश्चिमी एशिया में एक महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से दो सप्ताह के युद्धविराम के बावजूद लेबनान में इजरायली हमले जारी हैं। इसी बीच भारत सरकार ने लेबनान में नागरिकों की बढ़ती मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्थिति को “बेहद चिंताजनक” बताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 1,000 भारतीय नागरिक वर्तमान में लेबनान में रह रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि लेबनान में बड़ी संख्या में नागरिकों के हताहत होने की खबरों भारत बेहद चिंतित हैं।

रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना और देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना बेहद आवश्यक है। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम फोर्स (UNIFIL) पर हमले को खबर परेशान करने वाला बताते हुए प्रवक्ता ने कहा कि यूएन के ये सैनिक देश में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि लेबनान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमारे स्थानीय मिशन लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत खाड़ी क्षेत्र के देशों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार, हमारे मंत्री ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खाड़ी देशों का दौरा कर रहे हैं। विदेश मंत्री इस समय मॉरीशस के दौरे पर हैं। जहां से वे 11 और 12 अप्रैल, 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा करेंगे। वे UAE के नेताओं के साथ भारत-UAE संबंधों को और मजबूत करने के लिए चर्चा करेंगे। अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ, हम अपने पड़ोसी देशों को उनकी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उनके अनुरोध के अनुसार सहायता भी प्रदान कर रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि हमने दो सप्ताह पहले श्रीलंका को 38 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद की आपूर्ति की थी। हम तेल और गैस की आपूर्ति के लिए एक सरकारी समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, जो मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारे पेट्रोलियम मंत्री 9 और 10 अप्रैल को कतर के दौरे पर हैं। वे इस समय कतर में हैं। कतर भारत के लिए ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है। कतर के ऊर्जा मंत्री ने एक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बने रहने की कतर की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और भविष्य में भी इस दिशा में काम करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा की भारत के साथ ऊर्जा संबंधों और सहयोग को जारी रखना और मजबूत करना जारी रखना।

शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान की इजरायल ने की कड़ी निंदा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान पर तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इजरायल को ‘इंसानियत के लिए अभिशाप’ या ‘कैंसर जैसा देश’ कहना बिल्कुल गलत और आपत्तिजनक है। शुक्रवार को दिए गए अपने बयान में नेतन्याहू ने साफ कहा कि किसी भी देश को इजरायल को खत्म करने जैसी बात नहीं करनी चाहिए, खासकर तब जब वही देश खुद को शांति वार्ता में निष्पक्ष बताता हो। पढ़ें पूरी खबर।