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दो महीनों में आठ बार भारतीय नागरिकों से उलझ चुकी है नेपाली पुलिस, भारत-नेपाल के रिश्तों में खटास के बीच चार जिलों में सीमा पर तनाव

भारत-नेपाल के रिश्तों में जारी तनाव के बीच सीमा पर ये झगड़े की घटनाएं सामने आ रही हैं। शनिवार की सुबह नेपाल पुलिस ने सीतामढ़ी में जिस भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया था, उसे वापस लौटा दिया है।

Author Edited By नितिन गौतम नई दिल्ली | Updated: June 14, 2020 10:23 AM
india nepal border firing, india nepal tensionनेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स की गोलीबारी में एक भारतीय की मौत हो गई है और दो अन्य घायल हुए हैं। (एक्सप्रेस फोटो)

बीते दो माह में कम से कम आठ बार नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स और भारतीय नागरिकों के बीच तनातनी हो चुकी है। ये तनातनी बिहार के सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी और किशनगंज जिलों से मिलती नेपाल सीमा पर हुई हैं। शुक्रवार को नेपाल पुलिस फोर्स की फायरिंग में जहां सीतामढ़ी में भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, वहीं पूर्वी चंपारण में भी सीमा पर कुछ झगड़ा हुआ था। बुधवार को भी सीतामढ़ी-जानकी नगर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर भी नेपाल पुलिस फोर्स और स्थानीय भारतीय नागरिक आमने-सामने आ गए थे।

भारत-नेपाल के रिश्तों में जारी तनाव के बीच सीमा पर ये झगड़े की घटनाएं सामने आ रही हैं। शनिवार की सुबह नेपाल पुलिस ने सीतामढ़ी में जिस भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया था, उसे वापस लौटा दिया है।

बुधवार को नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने जानकी नगर के नजदीक स्थित लालबंदी इलाके में एक युवक को पीट दिया था। एसएसबी ने दखल देकर मामला शांत कराया था। गुरुवार को भी एपीएफ पर एक भारतीय युवक को पीटने का आरोप लगा था। जिसके बाद भारतीय सीमा में स्थित गांव चंद्रमन और नेपाल सीमा में स्थित गांव के लोग आमने-सामने आ गए थे और दोनों तरफ से पत्थरबाजी हुई थी।

शुक्रवार को भारत के चंद्रमन और नेपाल के सनफुलवा गांव के लोगों के बीच झगड़े के बाद पूर्वी चंपारण के महुआ पुलिस स्टेशन के इंचार्ज उदय सिंह ने मामले को शांत कराया था। बीते माह 7 मई को भी बारा में नेपाल सीमा पुलिस के जवानों ने स्थानीय भारतीय नागरिकों पर फायरिंग कर दी थी। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था। दरअसल लॉकडाउन के चलते नेपाल पुलिस भारतीय लोगों को सीमा में प्रवेश नहीं करने दे रही थी, जबकि भारतीय लोग नेपाल सीमा में स्थित अपने खेतों पर जाना चाहते थे।

इसके बाद 16 मई को भी भारत नेपाल सीमा पर स्थित किशनगंज के करुमनी पंचायत क्षेत्र में फायरिंग की घटना हुई थी। जिसे बाद में सुलझा लिया गया था। इसके अगले ही दिन रक्सौल में भी भारतीय नागरिकों और नेपाली बॉर्डर पुलिस के बीच उस वक्त झड़प हुई थी, जब भारतीय लोग नेपाल सीमा में जाकर एलपीजी सिलेंडर ले रहे थे।

शनिवार को सीतामढ़ी में हुई फायरिंग की घटना को भारत की तरफ से स्थानीय विवाद बताया जा रहा है। शनिवार को ही नेपाल बॉर्डर पुलिस की हिरासत से छूटकर सीतामढ़ी पहुंचे राम लगन राय का कहना है कि नेपाल पुलिस ने हिरासत में रखने के दौरान बुरी तरह से पीटा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एसएसबी ने घटना के वक्त कुछ नहीं किया, जबकि उनकी पोस्ट घटनास्थल के नजदीक ही स्थित है।

लोगों का कहना है कि इन दिनों नेपाल में भारत के खिलाफ जो अविश्वास का माहौल बना है, उसके चलते नेपाल बॉर्डर पुलिस स्थानीय लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार कर रही है।

बहरहाल भारत और नेपाल के रिश्तों में आए तनाव और सीमा पर हिंसक झड़प के बाद एसएसबी ने सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही बिहार पुलिस के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने नेपाल से लगती सीमाओं पर अलर्ट जारी कर दिया है और निगरानी बढ़ा दी है।

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