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न्‍यूनतम तापमान ही नहीं, असल में कितनी महसूस होगी सर्दी, यह भी बताएगा मौसम विभाग

लोगों को अक्‍सर वास्‍तविक तापमान के मुकाबले ज्‍यादा ठंड महसूस होती है। ऐसा ठंडी हवाओं की वजह से होता है।

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अगले साल सर्दियों से भारतीय मौसम विभाग न केवल न्‍यूनतम तापमान बताएगा, बल्क‍ि इस बात की जानकारी भी देगा कि हम असल में कितनी सर्दी महसूस करेंगे। इसके लिए विभाग अपनी वेबसाइट पर ‘चिल इंडेक्‍स’ देगा।

मौसम का पूर्वानुमान लगाने वालों के मुताबिक, लोगों को अक्‍सर वास्‍तविक तापमान के मुकाबले ज्‍यादा ठंड महसूस होती है। ऐसा ठंडी हवाओं की वजह से होता है। मौसम विभाग अपने क्‍लाइमेट सर्विस प्रोग्राम के तहत एक ऐसी वेबसाइट लाने की योजना बना रहा है, जिसमें ‘महसूस हो रहे तापमान’ के बारे में बताया जाएगा। लोगों की प्रतिक्रियाओं को शामिल करते हुए विभाग ‘चिल इंडेक्‍स’ की जानकारी देगा। उदाहरण के तौर पर अगर मौसम विभाग के मुताबिक न्‍यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्‍‍सियस है तो वेबसाइट के जरिए यूजर्स से पूछा जाएगा कि उन्‍हें कितनी ठंड महसूस हो रही है। लोग 9 से लेकर 12 डिग्री के बीच अपनी एंट्री वेबसाइट पर दाखिल कर सकेंगे। इस पहल से जुड़े साइंटिस्‍ट बी मुखोपाध्‍याय ने बताया, ”वर्तमान में हम ऐसे ही मनमुताबिक आंकड़ों का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। अगले साल से लोगों से जानकारी मांगी जाएगी।”

मुखोपाध्‍याय के मुताबिक, जिस तरह से गर्मियों के लिए हीट इंडेक्‍स होता है, उसी तरह सर्दियों के लिए चिल इंडेक्‍स तय किया जाएगा। उन्‍होंने कहा, ”यह इंडेक्‍स हवा की अलग-अलग गतियों के दौरान तापमान के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके तहत हवा की गति के साथ हीट ट्रांसफर रेट पर आधारित वैज्ञानिक मॉडल का इस्‍तेमाल किया जाएगा।”पुणे के मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह प्रोजेक्‍ट अभी प्रयोग के स्‍तर पर है। पुणे और दिल्‍ली में इसके ट्रायल चल रहे हैं। प्रोजेक्‍ट की व्‍यवहारिकता जांचने के लिए नियमित तौर पर मिले आंकड़ों पर काम किया जा रहा है। मुखोपाध्‍याय ने कहा कि ट्रायल के दूसरे फेज में, आंकड़ों को नियमित तौर पर मौसम विभाग की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। इसके अलावा, लोगों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर भी प्रोडक्‍ट (चिल इंडेक्‍स) को बेहतर बनाया जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक, यह कवायद उत्‍तर भारत और उन पहाड़ी इलाकों के लिए मददगार साबित होगी जहां आम तौर पर ठंडी हवाएं बहती हैं।

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